क्रिकेट के मैदान पर प्रधानमंत्री मोदी की नयी पारी

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मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया के मशहूर मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में क्रिकेट कूटनीति आज तब अपने चरम पर दिखी जब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस प्रतिष्ठित मैदान में मिले. इस मौके पर मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में एक नये सफर की शुरुआत हुई है. इस […]

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मेलबर्न : ऑस्ट्रेलिया के मशहूर मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) में क्रिकेट कूटनीति आज तब अपने चरम पर दिखी जब ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस प्रतिष्ठित मैदान में मिले. इस मौके पर मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में एक नये सफर की शुरुआत हुई है.

इस समारोह में महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर, कपिल देव, वीवीएस लक्ष्मण, एलन बॉर्डर और डीन जोंस समेत दोनों देशों की कई बड़ी-बड़ी क्रिकेट हस्तियां मौजूद थीं. इस दौरान मोदी ने ऑस्ट्रेलिया की खेल संस्कृति की भरपूर तारीफ की और शानदार मेजबानी के लिए अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष का आभार जताया. एबट ने मोदी के सम्मान में एमसीजी में एक स्वागत समारोह आयोजित किया था.

मोदी ने 161 साल पुराने इस क्रिकेट मैदान पर अपने भाषण को यहां विशेषकर मैकग्रा और ब्रेट ली के खिलाफ एक शतक जमाने जैसा बताया और कहा, ये यादें हमेशा मेरे साथ रहेंगी. प्रधानमंत्री ने कहा, बहुत सारे भारतीय दिसंबर की सर्द सुबह को जल्दी उठकर टीवी पर इस शानदार स्टेडियम में हो रहा बॉक्सिंग डे टेस्ट देखते हैं. मुझे पता है कि भारत का इस मैदान पर प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है. लेकिन हमने 1985 में यहां चैंपियंस ट्रॉफी जीती थीं और गावस्कर और कपिल यहां पर हैं.

उन्होंने कहा, लक्ष्मण भी यहां हैं, जिन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बल्लेबाजी खास रास आती थी. आपसे इस ऐतिहासिक मैदान पर बात करना विशेषकर मैकग्रा और ब्रेट ली के खिलाफ यहां एक शतक जमाने जैसा है. मैं उनसे (ब्रेट ली) कल मिला था. मैंने (क्रिकेट से जुडा) सबसे अच्छा अगर कुछ किया तो वह गुजरात क्रिकेट संघ का नेतृत्व करना था. एमसीजी की बात करते हुए मोदी ने कहा कि यह मैदान 2015 के विश्व कप के फाइनल का उपयुक्त आयोजन स्थल है. प्रधानमंत्री ने फाइनल में भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के आमने सामने होने की भी उम्मीद जतायी.

प्रधानमंत्री ने कहा, कोई भी काम इतना बड़ा नहीं है कि एक ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय को इस महान खेल पर चर्चा करने से रोक दे. एबट द्वारा आयोजित रात्रिभोज से पहले मोदी ने एक स्मृति चिह्न भेंट किया जिसमें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के एक चरखे की प्रतिकृति के साथ क्रिकेट की तीन गेंदें बनी थीं जिनपर उनके और विश्व कप विजेता भारतीय कप्तानों कपिल देव और महेंद्र सिंह धौनी के हस्ताक्षर थे.

उन्होंने कहा, मेरा ऑस्ट्रेलिया का यादगार दौरा आज रात खत्म हो रहा है लेकिन हमारे रिश्तों के एक नये सफर की शुरुआत हुई है. प्रधानमंत्री ने साथ ही कहा कि भारत दूसरे क्षेत्रों में भी ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध खेल कौशल से सीख सकता है और दोनों देशों ने भारत में एक खेल विश्वविद्यालय को लेकर सहयोग करने का फैसला किया है.

उन्होंने कहा कि खेल, पर्यटन, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का आदान प्रदान उनके रिश्ते को मजबूत बनाने का बड़ा स्त्रोत है. मोदी ने कहा, मैं आज और पिछले पांच सालों में (ऑस्ट्रेलिया में) भारत के लिए गर्मजोशी और मित्रता देखता हूं. मुझे हमारे रिश्ते के भविष्य में पूरा भरोसा है.

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