तनाव को झटकना

Published at :28 Jun 2016 7:11 AM (IST)
विज्ञापन
तनाव को झटकना

हमारे अस्तित्व के स्तर हैं- शरीर, श्वास, मन, बुद्धि, स्मृति, अहम् और आत्मा. मन तुम्हारी चेतना में विचार और अनुभूति की समझ है, जो निरंतर बदलते रहते हैं. आत्मा हमारी अवस्था और अस्तित्व का सूक्ष्मतम पहलू है. और मन व शरीर को जो जोड़ती है, वह हमारी सांस है. सब कुछ बदलता रहता है, हमारा […]

विज्ञापन
हमारे अस्तित्व के स्तर हैं- शरीर, श्वास, मन, बुद्धि, स्मृति, अहम् और आत्मा. मन तुम्हारी चेतना में विचार और अनुभूति की समझ है, जो निरंतर बदलते रहते हैं. आत्मा हमारी अवस्था और अस्तित्व का सूक्ष्मतम पहलू है. और मन व शरीर को जो जोड़ती है, वह हमारी सांस है. सब कुछ बदलता रहता है, हमारा शरीर बदलाव से गुजरता है, वैसे ही मन, बुद्धि, समझ, धारणाएं, स्मृति, अहम् भी. लेकिन ऐसा कुछ है तुम्हारे भीतर जो नहीं बदलता. उसे आत्मा कहते हैं.
जब तक तुम इस सूक्ष्मतम पहलू से नाता नहीं जोड़ोगे, तुम एक स्वस्थ व्यक्ति नहीं माने जाओगे. स्वास्थ्य की दूसरी निशानी है, सचेतता, सतर्क और जागरूक रहना. मन की दो स्थितियां होती हैं. एक तो शरीर और मन साथ में. और दूसरा शरीर और मन भिन्न दिशाओं की ओर देखते हुए. कभी जब तुम तनाव में हो, तब भी तुम सतर्क रहते हो, लेकिन ये ठीक नहीं है. तुम सतर्क और साथ ही तनाव-मुक्त भी होने चाहिए, इसी को ज्ञानोदय कहते हैं. भावनात्मक अस्थिरता तनाव होने के कारणों में से एक है. हरेक भावना के लिए हमारी श्वास में एक विशेष लय है. धीमे और लंबे श्वास आनंद और उग्र श्वास तनाव का संकेत देते हैं.
जिस तरह से एक शिशु श्वास लेता है वह एक वयस्क के श्वास लेने के तरीके से भिन्न है. यह तनाव ही है, जो एक वयस्क की श्वासन पद्धति को भिन्न बनाती है. हम अपना आधा स्वास्थ्य संपत्ति कमाने में खर्च कर देते हैं और फिर हम वह संपत्ति स्वास्थ्य को वापिस सुधारने में खर्च कर देते हैं. यह किफायती नहीं है. छोटी-मोटी असफलताओं पर फिक्र मत करना. हरेक असफलता एक नयी सफलता की ओर बड़ा कदम है.
अपना उत्साह बढ़ाओ. अगर तुम में कुशलता है, तो तुम किसी भी परिस्थिति में व्यंग्य को डाल कर उसे पूरी तरह से बदल सकते हो. तनाव-युक्त होना टालो. पशु जब गीले हो जाते हैं, तो बाहर आकर वे अपना सारा शरीर झकझोरते हैं और अपने आप से सब कुछ बाहर निकाल फेंकते हैं. लेकिन हम मनुष्य सारा कुछ, सारा तनाव पकड़ के रखते हैं. इस तनाव को ही तो झटकना है और उन्मुक्तता, सहजता को सहेज के रखना है. यह कदम खुशी की दिशा में ले जाता है.
– श्री श्री रविशंकर
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola