एक साथ ठहरे थे बिहार के 133 मजदूर, एक युवक में मिला कोरोना पॉजिटिव तो मचा हड़कंप

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नेशनल कॉलेज सेल्टर होम में ठहरे बिहार के कटिहार निवासी 18 वर्षीय एक युवक के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जानकारी होने के बाद एहतियाती कदम उठाने में प्रशासन जुट गया है. जानकारी सामने आने के बाद नेशनल कैंपस को सैनिटाइज किया जा रहा है.

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भदोही. नेशनल कॉलेज शेल्टर होम में ठहरे बिहार के कटिहार निवासी 18 वर्षीय एक युवक के कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है. जानकारी होने के बाद एहतियाती कदम उठाने में प्रशासन जुट गया है. जानकारी सामने आने के बाद नेशनल कैंपस को सैनिटाइज किया जा रहा है. जिस कमरे में कोरोना पीड़ित युवक ठहरा था उसको खाली करा लिया गया है. वहीं, कैंपस में ठहरे 133 बिहारी मजदूरों के साथ कम्युनिटी किचन में कार्यरत और देखरेख करने वाले राजस्व कर्मियों सहित सुरक्षा कर्मियों की जांच कराने की तैयारी चल रही है. सुबह डीएम, एसपी, सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों ने नेशनल आकर स्थिति का अवलोकन करने के साथ आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये.

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वहीं, मंडलीय अस्पताल में अब तीन मरीज कोरोना संक्रमित हो गये है, जबकि अन्य मजदूरों की भी स्क्रीनिंग प्रशासन द्वारा कराने की तैयारी चल रही है. कोविड 19 पीड़ित युवक को रात में ही मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया है. डब्ल्यूएचओ की टीम भी भदोही पहुंच गयी है. सेल्टर होम में बिहारी मजदूरों से मिलने वालों की सूची भी तैयार करायी जा रही है. पिछले दिनों विधायक और पालिकाध्यक्ष भी मजदूरों से मिले थे. संभवतः उनकी भी जांच करायी जायेगी.आनन-फानन सुबह कोरोना पीड़ित मरीज के कमरे को बंद करते हुए पूरे कैंपस को सैनिटाइज किया गया है, जबकि स्वास्थ्य दल सभी के सेहत की जांच कर रहा है. प्रशासन के अनुसार अभी मजदूरों के स्वास्थ्य की अब अगले पखवारे तक निगरानी की जायेगी.

14 दिन क्वारेंटाइन के बाद डॉक्टरों की टीम ने की जांच, युवकों के चेहरे पर दिखी खुशी

बलिया जिले के बैरिया थाना क्षेत्र के प्रसाद छपरा गांव निवासी पांच युवको को कोरोना का संदिग्ध मानकर प्राथमिक विद्यालय प्रसाद छपरा पर बने क्वारेंटाइन केंद्र पर रखा गया था. कोटवा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रेम प्रकाश यादव की देखरेख में नियमित चेकअप शनिवार को किया गया. 14 दिन बीतने के बाद इन युवकों को घर जाने की इजाजत चिकित्सकों ने दे दी. कोरोना महामारी को लेकर के पूरे भारतवर्ष में लॉकडाउन हो गया है. बाहर कमाने गये इन लड़कों की फैक्टरी भी बंद हो गयी. किसी तरह ये लड़के 29 मार्च को अपने घर पहुंचे. इसी बीच इसकी सूचना किसी ने बैरिया पुलिस को दे दी.

सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पांच युवकों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटवां पहुंचाया. वहां प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ प्रेम प्रकाश यादव व डॉ गणेश यादव की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद क्वारंटाइन केंद्र में 14 दिनों तक रखने को कहा. शनिवार को घर जाने की सलाह चिकित्सकों ने दे दी. साथ ही चिकित्सकों ने सभी युवकों को कोरोना महामारी के बारे में समझाया और इससे बचने का उपाय भी बताया. बताते चलें कि बैरिया थाना क्षेत्र के प्रसाद छपरा निवासी श्रवण कुमार गुप्ता, अंकित कुमार साह, राजकुमार सोनी, छोटू गुप्ता अर्जुन कुमार अलग अलग राज्यों से नौकरी करने के बाद घर लौटे थे. जांच में सबकुछ ठीक मिलने के बाद युवकों का स्वास्थ्य अच्छा बताया गया, तो उनके चेहरे पर खुशी दिखी. साथ ही उनके घरवाले भी काफी खुश थे.

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