रोड सेन्स रखें हम सभी
Updated at : 17 Jan 2017 6:28 AM (IST)
विज्ञापन

आये दिन हमें सड़कों पर गाड़ियों से ठोकर लगे घायल मृत श्वान पड़े मिलते हैं जिससे हम बच बचा कर अपनी अपनी मंजिल की ओर निकल पड़ते हैं. इस बात से इनकार नहीं कि इन बेजुबानों को सड़कों पर चलने का हम सभी नागरिकों की तरह ‘रोड सेन्स’ नहीं होता. लेकिन इन बेजुबानों को अपनी […]
विज्ञापन
आये दिन हमें सड़कों पर गाड़ियों से ठोकर लगे घायल मृत श्वान पड़े मिलते हैं जिससे हम बच बचा कर अपनी अपनी मंजिल की ओर निकल पड़ते हैं. इस बात से इनकार नहीं कि इन बेजुबानों को सड़कों पर चलने का हम सभी नागरिकों की तरह ‘रोड सेन्स’ नहीं होता.
लेकिन इन बेजुबानों को अपनी स्पीड का शिकार बनाकर हम अपने कौन से ‘सेन्स’ का परिचय देते हैं? जरा सोचिए, विकास के भागमभाग में हम उस पशु मित्र को शिकार बना रहे हैं, जो सभ्यता के विकास क्रम में मानव का पहला मित्र बना था. कहते हैं कि अंतरिक्षयान में पहला प्राणी श्वान ही था जिसे यात्रा पर भेजा गया था. बरहाल, ये प्राणी आज भी इंसान से इंसानियत का सबूत मांगते हैं. हमें अपने रोड सेन्स को बनाये रखना चाहिए.
विभूति पी, इमेल से
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




