नहीं होनी चाहिए कलाकारों से घृणा
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

ठहरे हुए पानी में पत्थर फेंकने से आवाज तो छपाक की आती है, मगर तरंगों की हलचल दूर तक जाती है. दिल्ली की तेजाब पीड़िता की जद्दोजहद को सिल्वर स्क्रीन पर उतारने का साहस निश्चित रूप से सराहनीय है. किरदारों के नाम में क्या रखा है, जो बवाल बन जाये. माना कुछ किरदारों के नाम […]
विज्ञापन
ठहरे हुए पानी में पत्थर फेंकने से आवाज तो छपाक की आती है, मगर तरंगों की हलचल दूर तक जाती है. दिल्ली की तेजाब पीड़िता की जद्दोजहद को सिल्वर स्क्रीन पर उतारने का साहस निश्चित रूप से सराहनीय है. किरदारों के नाम में क्या रखा है, जो बवाल बन जाये. माना कुछ किरदारों के नाम बदल भी जायें, तो क्या समाज के विकृत चेहरे को दिखाती फिल्म का बायकॉट कर देना चाहिए?
सोशल मीडिया पर अपशब्दों की तेजाबी बौछार समाज को भी झुलसा देगी. देश में पद्म पुरस्कारों से सम्मानित नामचीन कलाकारों की बड़ी जमात ने हमारी सांस्कृतिक धरोहर को पहचान दी है. संस्कार और संस्कृति का पाठ पढ़ाते ज्ञानी क्यों भूल जाते हैं कि जहां कला पूजी जाती है, वहां कलाकारों से घृणा की कोई जगह नहीं है.
एमके मिश्रा, रातू, झारखंड
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










