अंधभक्ति कब छोड़ेंगे हम?

Published at :07 Aug 2014 5:49 AM (IST)
विज्ञापन
अंधभक्ति कब छोड़ेंगे हम?

चकाचौंध से भरी आज की इस दुनिया में हर कोई अपनी जेब भरने के लिए कोई न कोई उपाय करता है, चाहे वह गलत हो या सही. पूजा-पाठ के लिए भारत पूरे विश्व में प्रसिद्ध है या कहा जाये तो पहले पायदान पर है. हो भी क्यों न, हमारे यहां धर्म के ठेकेदार जो भरे […]

विज्ञापन

चकाचौंध से भरी आज की इस दुनिया में हर कोई अपनी जेब भरने के लिए कोई न कोई उपाय करता है, चाहे वह गलत हो या सही. पूजा-पाठ के लिए भारत पूरे विश्व में प्रसिद्ध है या कहा जाये तो पहले पायदान पर है.

हो भी क्यों न, हमारे यहां धर्म के ठेकेदार जो भरे पड़े हैं. भले ही अनाज न हो, सुख न हो, प्यार न हो, मानव का मानव से संपर्क न हो, पर धर्म होना चाहिए. धर्म, भक्ति, ईश्वर, श्रद्धा को गलत नहीं कहता, लेकिन इस तरह से बेहोशी की हालत में ईश्वर के प्रति अंधविश्वास ठीक नहीं.

हमारी इस बेहोशी का लाभ धर्म के ठेकेदार अच्छे से उठाते हैं. अगर आस्था रखनी है तो अपनों पर, समाज पर रखें. ये हमें एकता के सूत्र में बांधे रखती है. अगर हमारी अंधभक्ति इसी तरह जमी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब हमारा जीवन एक कटी हुई पतंग की तरह हो जायेगा.

तहसीलदार सिंह, 24 परगना, प बंगाल

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola