मोमेंटम पकड़ता ''झारखंड''
Updated at : 18 Nov 2019 5:58 AM (IST)
विज्ञापन

उन्नीस वर्ष पहले बिहार से अलग होकर बने झारखंड राज्य की स्थिति शुरुआत में बीमार राज्य जैसी थी. माओवाद एकीकृत बिहार के समय से ही इस हिस्से की तरक्की को रोक रहा था, लेकिन इन वर्षों में हालात बदले हैं. प्रति व्यक्ति आय, शिशु जन्म व मृत्यु दर, विकास दर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित विभिन्न […]
विज्ञापन
उन्नीस वर्ष पहले बिहार से अलग होकर बने झारखंड राज्य की स्थिति शुरुआत में बीमार राज्य जैसी थी. माओवाद एकीकृत बिहार के समय से ही इस हिस्से की तरक्की को रोक रहा था, लेकिन इन वर्षों में हालात बदले हैं.
प्रति व्यक्ति आय, शिशु जन्म व मृत्यु दर, विकास दर, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों में झारखंड लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है. इन सभी बातों का अंदाजा आप झारखंड की विकास दर को देख कर लगा सकते हैं, जो अपने साथ बने छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड जैसे राज्यों की विकास दर की तुलना में ज्यादा हैं.
वैसे कुछ बातों का मलाल भी हैं. हम झारखंडवासियों को, जैसे कि जिस आदिवासी तबके से हमारे भगवान बिरसा मुंडा आते हैं, उस तबके का वैसा अपेक्षित विकास अब तक नहीं हुआ, जिसके वह हकदार है. साथ ही, झारखंड के पूर्ण विकास की नींव रखना अब भी बाकी है.
अमर कुमार यादव , झरिया, धनबाद ( झारखंड)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




