भारतीय सभ्यता के साथ खिलवाड़
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 01 Oct 2018 5:10 AM
बीते तीन दिनों में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े और अहम मुद्दों पर अपना फैसला सुनाया है. गुरुवार को शीर्ष कोर्ट ने धारा 497 को खत्म करने का फैसला लिया है. कोर्ट ने गुरुवार को 158 साल पुराने आइपीसी की धारा 497 को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा की […]
बीते तीन दिनों में सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े और अहम मुद्दों पर अपना फैसला सुनाया है. गुरुवार को शीर्ष कोर्ट ने धारा 497 को खत्म करने का फैसला लिया है.
कोर्ट ने गुरुवार को 158 साल पुराने आइपीसी की धारा 497 को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा की पति अब महिला की स्वामी नहीं है. बात रही इस फैसले की तो, भारतीय महिलाएं अपने व्यवहार से पूरी दुनिया में जानी जाती हैं. भारत में सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार घर की महिलाएं ही उस घर की सबसे बड़ी इज्जत और प्रतिष्ठा होती हैं.
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला पूरी तरह से भारतीय सभ्यता के खिलाफ है. इस फैसले से जो बात सामने नजर आती है वह यह है कि अब शादी जैसे पवित्र बंधन की जरूरत ही नहीं रह गयी है, जिसमें पत्नी पति से अपनी सुरक्षा के लिए वचन लेती हैं. अपनी पुरानी सभ्यता में शादी का जो महत्व रहा है, वह इस फैसले से कमजोर पड़ गया है.
अभिजीत मेहरा, गोड्डा.
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