कोई चोरी नहीं की!

Updated at : 10 Sep 2018 12:23 AM (IST)
विज्ञापन
कोई चोरी नहीं की!

सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश के एक छोटे-से तबके के लिए खुशियों की सौगात ले कर आया. जिस फैसले से 158 साल पुराना कानून बदल जाये, उसका ऐतिहासिक होना लाजमी है. फैसले ने सारे देश को इन्हीं खबरों के इर्द-गिर्द समेट कर रख दिया. किसी ने फैसले को अपनी जीत मानी, तो किसी ने आजादी […]

विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट का फैसला देश के एक छोटे-से तबके के लिए खुशियों की सौगात ले कर आया. जिस फैसले से 158 साल पुराना कानून बदल जाये, उसका ऐतिहासिक होना लाजमी है. फैसले ने सारे देश को इन्हीं खबरों के इर्द-गिर्द समेट कर रख दिया.
किसी ने फैसले को अपनी जीत मानी, तो किसी ने आजादी की रोशनी. प्यार से पाबंदी हटी जैसे नारे अखबारों की सुर्खियां बन गये. समाज और कानून से लड़ने वाले लोगों का मानना था कि प्यार किया, कोई चोरी नहीं की. फिर हम अपराधी कैसे? आम इंसान की शक्ल में पैदा हुआ व्यक्ति जाने कब और कैसे गुमनाम गलियों में समा गया? अपने वजूद की लड़ाई खुद लड़ने वालों को देश सलाम करता है.
पोंगापंथियों के लिए न हजम होने वाला फैसला यह हो सकता है, मगर इसे कबूलना ही वक्त की जरूरत है. निजता और बराबरी का सवाल नैसर्गिक अधिकारों से जोड़ कर देखा जाना बिल्कुल सही है, मगर रिश्ते की आड़ में संभावित खतरों से बचना होगा, तभी इस लड़ाई का मकसद पूरा होगा.
एमके मिश्रा, रातू, रांची
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola