नाम से जरूरी काम होता है
Updated at : 07 Jun 2018 6:23 AM (IST)
विज्ञापन

1862 में बने मुगलसराय स्टेशन का नाम अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जाना जायेगा. पिछली बार की तरह इस बार भी मोदी सरकार ने नाम बदलने का काम शुरू किया है. पहले योजना आयोग का नाम नीति आयोग और अब स्टेशन का नाम बदल दिया. मगर काम नहीं बदला. […]
विज्ञापन
1862 में बने मुगलसराय स्टेशन का नाम अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम से जाना जायेगा. पिछली बार की तरह इस बार भी मोदी सरकार ने नाम बदलने का काम शुरू किया है. पहले योजना आयोग का नाम नीति आयोग और अब स्टेशन का नाम बदल दिया. मगर काम नहीं बदला. नोट बदल दिये गये. सरकारी योजनाओं के भी नाम बदले गये.
आज भी नीति आयोग ऐसा कोई भी फैसला नहीं ले पायी है, जिससे कि आम लोगों को कोई लाभ मिले. आज भी भारत में ज्यादातर ट्रेन समय पर नहीं चलती है. इसलिए नाम बदलने से ज्यादा जरूरी काम करना है. इसपर सरकार को ज्यादा सोचने की जरूरत है. सिर्फ नाम बदलने से काम नहीं हो जाते. देश की जनता काम के इंतजार में है. 2019 में होनेवाले आम चुनाव में सरकार द्वारा किये गये कामों को ही जनता देखेगी, नाम को नहीं.
हर्ष राज, चंद्रपुरा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




