Video: पहाड़ से टूटा ग्लेशियर, फिर आया पानी और मलबे का सैलाब, नेपाल में ऐसे मचा हाहाकार

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ग्लेशियर टूटने की तस्वीर, गोल घेरे में नेपाल में मची तबाही का दृश्य, फोटो- एएनआई

Video: नेपाल में भोटे कोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. मौतों का आंकड़ा बढ़कर 177 हो गया है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं. यह आपदा ग्लेशियर या बर्फ की चट्टान ढहने के बाद अचानक पानी और मलबे का तेज सैलाब आने से हुआ है.

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Video: नेपाल में भोटे कोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने रसुवा से लेकर चितवन तक भारी तबाही मचाई है. अब तक 177 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 28 देशों के 476 लोग लापता बताए गए हैं. इस आपदा के पीछे ग्लेशियर या बर्फ की चट्टान के ढहने के बाद अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा नीचे की ओर आने की बात सामने आई है.

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ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड कैसे आता है?

ग्लेशियर से बनी झील के अचानक टूटने पर ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी GLOF जैसे हालात बन जाते हैं. झील में जमा पानी पर बढ़ता दबाव और बर्फ या मलबे में बनने वाली दरारें पानी को बाहर निकलने का रास्ता देती हैं. इसके बाद पानी, चट्टानों और मलबे का विशाल सैलाब बेहद तेजी से नीचे की ओर बढ़ता है और रास्ते में आने वाले इलाकों को अपनी चपेट में ले लेता है.

177 पहुंचा मौत का आंकड़ा

नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के पीछे भी यही कारण सामने आ रही है. बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है. नेपाल पुलिस के मुताबिक भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद 12 और शव बरामद किए गए. इस त्रासदी में सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं, जिनमें करीब 300 भारतीय पर्यटक भी शामिल बताए गए हैं.

चितवन में सबसे ज्यादा 69 मौतें

पुलिस के अनुसार रसुवा में 2, नुवाकोट में 12, धादिंग में 27, चितवन में 69, गोरखा में 20, तनहूं में 9, नवलपरासी पूर्व में 32 और नवलपरासी पश्चिम में 6 लोगों की मौत हुई है. चितवन समेत कई इलाकों में बाढ़ के खतरे को देखते हुए हाई अलर्ट जारी है.

रसुवागढ़ी से शुरू हुई तबाही

जानकारी के मुताबिक रसुवागढ़ी सीमा बिंदु से करीब 20 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में ग्लेशियर या बर्फ की चट्टान ढहने के बाद लेंडे खोला में मलबे से भरी तेज बाढ़ आई. यह सैलाब तिब्बत की ओर से भोटे कोशी नदी में पहुंचा और रसुवागढ़ी, तिमुरे तथा स्याफ्रुबेसी से गुजरते हुए त्रिशुली नदी में प्रवेश कर गया.

826 लोग लापता, 579 पर्यटकों का भी पता नहीं

राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक करीब 826 लोग लापता हैं. इनमें 579 पर्यटक, 44 सैनिक, 28 पुलिसकर्मी, 13 सशस्त्र पुलिस बल के जवान और जलविद्युत परियोजनाओं व सीमा शुल्क कार्यालयों से जुड़े 162 लोग शामिल हैं. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि लापता लोगों में करीब 300 भारतीय पर्यटक भी हैं.

80 पुल और 40 KM सड़क क्षतिग्रस्त

बाढ़ में 35 मोटर पुल, 45 झूला पुल और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़क क्षतिग्रस्त हुई है. कई प्रमुख राजमार्गों पर भी यातायात रोक दिया गया है.

123 लोगों को बचाया गया

NDRRMA के अनुसार तिमुरे इलाके से 123 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है. इनमें 94 नेपाली और 29 विदेशी नागरिक शामिल हैं. प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने नुवाकोट के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया.

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