Rajiv Gandhi Death: नलिनी श्रीहरन ने केंद्र सरकार का जताया आभार, गांधी परिवार से मुलाकात पर कही बड़ी बात

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वेल्लोर में महिलाओं की विशेष जेल से रिहा होने के बाद नलिनी ने मीडिया से कहा, मैं अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेती. क्या आपको लगता है कि मैंने पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या की है? मेरे ऊपर हत्या के 17 मामले दर्ज किए गए हैं.

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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में नलिनी श्रीहरन और अन्य दोषियों को शनिवार शाम को तमिलनाडु की जेलों से रिहा कर दिया गया. ये दोषी करीब तीन दशक से जेल में थे. जेल से रिहा होने के बाद नलिनी ने मीडिया से बड़ा दावा किया. नलिनी ने कहा- 32 वर्ष से जेल में बंद होना एक नरकीय अनुभव था. अब मैं बाकी की जिंदगी अपने परिवार के साथ बिताना चाहूंगी. उन्होंने आगे कहा- मेरी गांधी परिवार से मिलने का कोई प्लान नहीं. तेलंगाना और केंद्र सरकार का इसके लिए धन्यवाद करना चाहती हूं.

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नलिनी के ऊपर हत्या के 17 मामले दर्ज

वेल्लोर में महिलाओं की विशेष जेल से रिहा होने के बाद नलिनी ने मीडिया से कहा, मैं अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेती. क्या आपको लगता है कि मैंने पूर्व प्रधानमंत्री की हत्या की है? मेरे ऊपर हत्या के 17 मामले दर्ज किए गए हैं. वेल्लोर की जेल से रिहा होने के तुरंत बाद नलिनी वेल्लोर केंद्रीय जेल गई, जहां से उसके पति वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन को रिहा किया गया. पति से मिलकर नलिनी भावुक हो गई.

नलिनी ने जेल में खुद को ऐसे रखा व्यस्त 

नलिनी ने वेल्लोर में कहा, इन 32 वर्षों के दौरान जेल में यह एक नारकीय अनुभव था. मेरे इस दृढ़ विश्वास ने मुझे इतने वर्षों तक जीवित रखा कि मैं निर्दोष हूं. बेशक, नियमित रूप से योग करने और इग्नू की कक्षाओं के जरिये मैं जेल में खुद को व्यस्त रख पाती थी. नलिनी ने लंदन में अपनी बेटी के पास जाने और भविष्य में अपने पति और बेटी की देखभाल की इच्छा जताई. नलिनी ने केंद्र और राज्य सरकारों और उन सभी का आभार जताया.

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जानें क्या है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड में करीब तीन दशक से उम्रकैद की सजा काट रही नलिनी श्रीहरन और पांच अन्य दोषियों को समय से पहले रिहा करने का शुक्रवार को निर्देश दिया था. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बुदूर में चुनावी रैली के दौरान एक महिला आत्मघाती हमलावर ने हत्या कर दी थी. नलिनी के अलावा उसके पति वी. श्रीहरन उर्फ मुरुगन, आर.पी. रविचंद्रन, संतन, रॉबर्ट पायस और जयकुमार को रिहा करने का आदेश दिया गया था. श्रीहरन, संतन, रॉबर्ट और जयकुमार श्रीलंकाई नागरिक हैं, जबकि नलिनी और रविचंद्रन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं.

(भाषा- इनपुट के साथ)

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