जंतर-मंतर प्रोटेस्ट: जेपी नड्डा बोले, CJP प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR होंगी वापस

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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, फोटो एक्स

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, CJP के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएंगी. उन्होंने कहा, विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी.

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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन सभी FIR को रद्द कर दिया, जो देश भर में 20 से 25 जुलाई के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई थीं.

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नड्डा ने कहा, "हमने BJP शासित सभी राज्यों से बातचीत की; उन्होंने भी CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने का भरोसा दिया है."


नड्डा ने 5 सितंबर को होने वाले CJP के विरोध प्रदर्शन को वापस लेने के फैसले का किया स्वागत

पूरे देश में NEET पेपर लीक मामले के विरोध में प्रदर्शन करने वालों के ख़िलाफ FIR रद्द करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, "25 जुलाई 2026 को, डॉ जितेंद्र सिंह और मैंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत की थी. भारत सरकार की ओर से, छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, हमने उन्हें भरोसा दिलाया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे और उनके खिलाफ कोई और सख्त कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसी सिलसिले में, हमने BJP शासित राज्यों की सरकारों से भी इस मामले पर चर्चा की थी, और हम उस वादे को पूरा करने जा रहे हैं. हम प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 5 सितंबर को होने वाले प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को वापस लेने के CJP प्रवक्ता के फैसले का स्वागत करते हैं. सरकार के लिए, युवाओं की तरक्की और विकास हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है."

सुप्रीम कोर्ट ने जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा देने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देशभर में 20 से 25 जुलाई के बीच ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी (FIR) रद्द करने का आदेश दिया. भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार को एक और अहम निर्देश दिया. कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के प्रश्नपत्र लीक के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा दिया जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का किया इस्तेमाल

कोर्ट ने एफआईआर वापस लेने के फैसले के लिए अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया. संविधान का अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय करने के लिए आवश्यक आदेश और निर्देश जारी करने की विशेष शक्ति प्रदान करता है.

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