"माइक पर इनकार, कोर्ट में माफी": संबित पात्रा का राहुल गांधी पर हमला; कहा- सदन में भी बोला झूठ

बीजेपी सांसद संबित पात्रा, फोटो पीटीआई
बीजेपी ने बुधवार को राहुल गांधी के उस दावे को झूठ करार दिया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर गृह मंत्री अमित शाह के आदेश पर पुलिस ने गोलियां चलाई थीं. पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राजनीतिक फायदे के लिए भ्रम फैलाने और अराजकता भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.
बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और राहुल गांधी के बयान का एक-एक कर जवाब दिया. पात्रा ने कहा, "राहुल गांधी जी ने कहा कि मैं बीजेपी या आरएसएस या बीजेपी से जुड़े किसी व्यक्ति से कभी माफी नहीं मांगता हूं और नहीं मांगूंगा. अभी तो कुछ दिन पहले ही कोर्ट में शिवराज सिंह चौहान जी से माफी मांगा था, लिखित में माफी मांगा था, कि 'मुझे प्लीज माफ कर दीजिए'. और मुझे याद है 'चौकीदार चोर है' जो उन्होंने कहा था, सुप्रीम कोर्ट ने उनसे हलफनामे में, एफिडेविट पर माफी मंगवाई थी. एफिडेविट हस्ताक्षर करके राहुल गांधी जी ने माफी मांगा था."
राहुल गांधी कोर्ट में जाकर मांगते हैं माफी: संबित पात्रा
संबित पात्रा ने हमला जारी रखते हुए कहा, "राहुल गांधी जी, आप माइक के सामने माफी नहीं मांगते, लेकिन कोर्ट में जाके, एफिडेविट देके, आप माफी मांगते हैं. यह आपका कैरेक्टर है, यह हम भी जानते हैं कि आप माफी मांगते हैं, कोर्ट में मांगते हैं.
शूटिंग और गृह मंत्री पर लगाए आरोपों को बताया निराधार
राहुल गांधी द्वारा संसद में छात्रों पर गोली चलाए जाने और इसका आदेश गृह मंत्री द्वारा दिए जाने के आरोप को बीजेपी ने सिरे से खारिज कर दिया. पात्रा ने स्पष्ट किया कि घटना स्थल पर कोई फायरिंग या गोलीबारी नहीं हुई है. उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल गांधी के पास कोई कारतूस या बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट है, तो उसे पेश करें. पात्रा ने प्रशासनिक प्रक्रिया को स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी विरोध प्रदर्शन या भीड़ की स्थिति में मौके पर मौजूद लोकल एसडीएम (सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट) ही स्थिति को संभालने और आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लेता है. दिल्ली पुलिस भले ही गृह मंत्रालय के अधीन आती हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गृह मंत्री हर जगह खुद आदेश दे रहे हों.
गृह मंत्री के पुलिसवालों से बातचीत करने का राहुल गांधी का दावा फर्जी: पात्रा
बीजेपी प्रवक्ता ने राहुल गांधी के उस दावे पर भी सवाल उठाया जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने गृह मंत्री को पुलिसवालों से फोन पर बात करते देखा. पात्रा ने पूछा कि संसद परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के बीच राहुल गांधी ने गृह मंत्री को किससे बात करते देख लिया? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह पुरानी आदत है. इससे पहले भी वह पूर्व रक्षा मंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर और दिवंगत सुषमा स्वराज के नाम पर भी राफेल और अन्य मुद्दों को लेकर झूठे दावे कर चुके हैं, जो बाद में गलत साबित हुए थे.
राहुल गांधी ने शाह पर 30 गाड़ियों के काफिले में चलने का लगाया आरोप, पात्रा ने बताया झूठ
संबित पात्रा ने गांधी की इस टिप्पणी की भी आलोचना की कि शाह 30 गाड़ियों के काफिले में चलते हैं क्योंकि वह डरे हुए हैं. ‘‘यह झूठ है. शायद प्रधानमंत्री के काफिले में भी 30 गाड़ियां नहीं होतीं. राहुल गांधी, आइए और मुझे दिखाइए कि अमित शाह के काफिले में आपने वे 30 गाड़ियां कहां देखीं?’’ लोकसभा में गांधी की इस टिप्पणी पर कि केंद्रीय गृह मंत्री डर से कांपते हैं, पात्रा ने पलटवार करते हुए कहा कि शाह वह व्यक्ति हैं जो नक्सलियों और आतंकवादियों को डर से कंपा देते हैं.
राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाया है?
राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि शाह ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ज्यादती और गोलीबारी को मंजूरी दी थी. इस आरोप के कारण लोकसभा में भारी हंगामा हुआ. राहुल गांधी ने शाह से इस्तीफा देने की मांग की है. गांधी ने दावा किया, ‘‘गृह मंत्री में संसद में आकर जवाब देने का साहस नहीं है. उनमें इतनी हिम्मत नहीं है कि वह इस तरह आपके सामने खड़े होकर सवालों का सामना कर सकें. वह तो वहां से भाग जाएंगे. हमें उनसे संसद में आने की कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन हम जानते हैं कि इसकी जिम्मेदारी उन्हीं की है. और हम उन्हें इसकी जवाबदेही से बचकर निकलने नहीं देंगे.’’
ये भी पढ़ें: अमित शाह पर विवादित टिप्पणी: राहुल गांधी ने कहा- मैं BJP, RSS से कभी माफी नहीं मांगूंगा
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










