नितिन गडकरी का दावा, अगले 3-4 साल में अमेरिका जैसी होंगी जम्मू-कश्मीर की सड़कें

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नितिन गडकरी का दावा, अगले 3-4 साल में अमेरिका जैसी होंगी जम्मू-कश्मीर की सड़कें

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा, भारत और दुनिया भर से लोग स्विट्जरलैंड जाते हैं. हमारा कश्मीर स्विट्जरलैंड से भी अच्छा है. उपराज्यपाल जी ने 13.5 एकड़ जगह की पहचानकर कर दी है. हम बहुत जगहों पर सड़क किनारे सुविधाएं, हैंडलूम, हस्तकला, पश्मीना का मार्केट हो उसके लिए दुकानें डाल रहे हैं.

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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दावा किया है कि अगले 3-4 साल में जम्मू-कश्मीर की सड़कें अमेरिका के जैसी होंगी. हम इतना अच्छा सड़क नेटवर्क बनाएंगे, इस काम को लेकर हम कार्य कर रहे हैं.

कश्मीर स्विट्जरलैंड से भी अच्छा : गडकरी

केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा, भारत और दुनिया भर से लोग स्विट्जरलैंड जाते हैं. हमारा कश्मीर स्विट्जरलैंड से भी अच्छा है. उपराज्यपाल जी ने 13.5 एकड़ जगह की पहचानकर कर दी है. हम बहुत जगहों पर सड़क किनारे सुविधाएं, हैंडलूम, हस्तकला, पश्मीना का मार्केट हो उसके लिए दुकानें डाल रहे हैं. उन्होंने कहा, हमने अधिकारियों को अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की बात कही है.

गडकरी ने जोजिला सुरंग के निर्माण कार्य का लिया जायजा

जम्मू-कश्मीर को हर मौसम में लद्दाख से जोड़ने के मकसद से बनाई जा रही जोजिला सुरंग के निर्माण कार्य का सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जायजा लिया. उन्होंने कहा, ऐतिहासिक सुरंग परियोजना कश्मीर घाटी को कन्याकुमारी से जोड़ने के एक सपने का हिस्सा है.

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जम्मू-कश्मीर में तैयार हो रहा एशिया का सबसे लंबा सुरंग

नितिन गडकरी ने करीब 11,500 फुट की ऊंचाई पर निर्माण कार्यों का जायजा लेने के बाद कहा, यह भारत के इतिहास में एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण सुरंग है. इस सुरंग की लंबाई एशिया में सबसे अधिक रहने की संभावना है.

बर्फबारी में भी कश्मीर घाटी से लद्दाख का नहीं टूटेगा संपर्क

श्रीनगर-करगिल-लेह राजमार्ग पर यह सुरंग जोजिला दर्रे से होकर गुजरेगी. यह सुरंग परियोजना सामरिक नजरिये से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण राजमार्ग बंद हो जाता है जिससे लद्दाख क्षेत्र का कश्मीर घाटी से संपर्क टूट जाता है. जोजिला सुरंग कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल को लद्दाख में करगिल जिले के द्रास कस्बे में मिनीमार्ग से जोड़ेगी. सोनमर्ग से बालटाल तक 18 किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग है जबकि मुख्य सुरंग की लंबाई 13 किलोमीटर है.

शून्य से 26 डिग्री सेल्सियस नीचे में काम कर रहे लोग

गडकरी ने जोजिला सुरंग का जिक्र करते हुए कहा कि इस परियोजना की अनुमानित लागत 12,000 करोड़ रुपये थी लेकिन विशेषज्ञों एवं अंतरराष्ट्रीय सलाहकारों के साथ चर्चा के बाद इसकी लागत में 5,000 करोड़ रुपये तक की कटौती करने में सफलता मिली है. उन्होंने कहा, यह हमारे देश के लिए पहला मौका है जब हम किसी परियोजना की अनुमानित लागत में 5,000 करोड़ रुपये की बचत करने जा रहे हैं. यहां पर काम करना बहुत मुश्किल है. लोग शून्य से 26 डिग्री सेल्सियस नीचे में काम कर रहे हैं.

सुरंग का 38 प्रतिशत काम पूरा

गडकरी ने कहा कि इस सुरंग का 38 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और आम लोगों को राहत देने के लिए इस परियोजना के एक हिस्से का उद्घाटन इसी साल कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने पर पूरे इलाके में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.

परियोजना की कुल लंबाई 31 किलोमीटर

जोजिला सुरंग का निर्माण करने वाली कंपनी मेघा इंजीनियरिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमईआईएल) के परियोजना प्रमुख हरपाल सिंह ने कहा कि इसका काम पूरी रफ्तार से चल रहा है. सिंह ने कहा, सोनमर्ग से मिनीमार्ग तक इस परियोजना की कुल लंबाई 31 किलोमीटर है. सोनमर्ग से बालटाल तक 18 किलोमीटर लंबा मार्ग है और उसके बाद बालटाल से मिनीमर्ग तक मुख्य सुरंग 13 किलोमीटर की है. दोनों परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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