Manipur Violence: मणिपुर हिंसा से गुस्से में बीजेपी नेता? जे पी नड्डा को पत्र लिखकर की ये मांग

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Manipur Violence: मणिपुर हिंसा से गुस्से में बीजेपी नेता? जे पी नड्डा को पत्र लिखकर की ये मांग

Manipur Violence : जातीय संघर्ष में मारे गए लोगों के परिवारों को अनुग्रह राशि देने का भी अनुरोध किया गया है. जानें मणिपुर हिंसा को लेकर बीजेपी की मणिपुर इकाई ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा को पत्र में क्या लिखा

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Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. इस बीच प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई. दरअसल, बीजेपी की मणिपुर इकाई ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा को पत्र लिखा है. इस पत्र में कहा गया है कि लोगों में आक्रोष है क्योंकि राज्य सरकार अब तक जातीय संघर्ष को रोकने में विफल रही है. मणिपुर की राज्य इकाई की अध्यक्ष शारदा देवी, उपाध्यक्ष चौधरी चिदानंद सिंह और छह अन्य लोगों द्वारा इस पत्र में हस्ताक्षर किया गया है. पत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष नड्डा को बताया गया है कि जनता का गुस्सा और विरोध अब तीव्र हो रहा है, जिससे लंबे समय से जारी अशांति के लिए सरकार की विफलता को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. नेताओं ने विस्थापित लोगों को उनके ‘‘मूल निवास स्थान’’ पर तत्काल फिर से बसाने की मांग की. साथ ही उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि हमारी सरकार राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए दिन-रात काम कर रही है और ‘‘राज्य स्तर पर हमारी पार्टी भी स्थिति से निपटने में एक प्रमुख महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.

बीजेपी नेताओं ने ‘‘राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात के निर्बाध संचालन’’ को तत्काल बहाल करने सहित लोगों की विभिन्न मांगों पर भी प्रकाश डाला. यही नहीं उन लोगों को मुआवजा प्रदान करने का भी आह्वान किया जिनके घर बर्बाद हो चुके हैं. जातीय संघर्ष में मारे गए लोगों के परिवारों को अनुग्रह राशि देने का भी अनुरोध इन नेताओं के द्वारा किया गया है. आपको बता दें कि मणिपुर की इंफाल घाटी में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के खाली पड़े पैतृक आवास पर हमले की कोशिश पिछले दिनों की गई थी.

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मुख्यमंत्री के खाली पड़े पैतृक आवास पर हमला करने की कोशिश

इंफाल घाटी में भारी सुरक्षा व्यवस्था तथा कर्फ्यू के बावजूद भीड़ ने गतगुरुवार की रात को मुख्यमंत्री के खाली पड़े पैतृक आवास पर हमला करने की कोशिश की. सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के कई गोले छोड़े और इस प्रयास को नाकाम कर दिया. मामले को लेकर एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि इंफाल के हिंगांग इलाके में मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर गुरुवार रात को हमले की कोशिश की गयी. सुरक्षाबलों ने मुख्यमंत्री के पैतृक आवास से करीब 100-150 मीटर दूर भीड़ को रोक दिया था. गौर हो कि मुख्यमंत्री राजधानी इंफाल के केंद्र में एक अलग आधिकारिक आवास में रहते हैं जिस पर सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा रहता है.

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लड़के और लड़की के शव की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल

मणिपुर की राजधानी इंफाल में जुलाई से लापता एक लड़के और लड़की के शव की तस्वीरें गत सोमवार को सोशल मीडिया पर आने के एक दिन बाद, मंगलवार को फिर से हिंसा भड़क गयी. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का एक दल इस घटना की जांच कर रहा है. मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके ने उन दो युवकों के परिवार के सदस्यों से शुक्रवार को मुलाकात की, जिनकी कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी. युवकों की हत्या की घटना सामने आने के बाद पूर्वोत्तर राज्य में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए. राजभवन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि राज्यपाल ने दोनों छात्रों के परिवार के सदस्यों से इंफाल पश्चिम जिले में उनके आवासों पर मुलाकात की.

भाषा इनपुट के साथ

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अमिताभ कुमार

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

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