CJP ने दी चेतावनी- सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में, सरकार छात्रों को धोखा देने की ना सोचें

Updated:
विज्ञापन
काॅकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास

काॅकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास

कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र सरकार पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस न लेने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि यदि सरकार अपने वादे पर अमल नहीं करती तो देशभर में दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा.

विज्ञापन

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने केंद्र सरकार पर यह आरोप लगाया है कि उसने अभी तक छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने तथा भविष्य में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया है. पार्टी ने कहा कि यदि सरकार अपने वादे पर अमल नहीं करती है तो वह देशभर में दोबारा आंदोलन शुरू करेगी.

सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी कहा है कि अगर सरकार हमारी बात नहीं मानती है तो हम जल्दी ही ऐसा करेंगे. कंगना रनौत द्वारा जेन जेड पर की गई प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर दीपके ने कहा कि उन्हें कौन सीरियसली लेता है.

पार्टी की ओर से देर रात एक्स पर यह पोस्ट किया गया है कि हमें डर है कि भारत सरकार और बीजेपी शासित राज्य चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच द्वारा 20 जुलाई के प्रदर्शन पर मंगलवार को जो टिप्पणी की है उसका इस्तेमाल हथियार बनाकर अलग-अलग प्रोटेस्टर्स के खिलाफ एफआईआर जारी रखने और उन्हें परेशान करने की कोशिश कर सकते हैं. कोर्ट की टिप्पणी का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए नहीं किया जा सकता है.


स्टूडेंट्‌स के साथ धोखा नहीं कर सकती है सरकार

सौरभ दास ने अपने एक्स पोस्ट पर कहा है कि हजारों युवा स्टूडेंट्स और प्रोटेस्टर्स को दिया गया भरोसा, बाद के कानूनी डेवलपमेंट के जरिए, चुपके से कमजोर या बेमतलब नहीं किया जा सकता.इससे जनता का भरोसा टूटता है. किसी भी हाल में, अंतरिम ऑर्डर में ऐसा कुछ भी नहीं है जो भारत सरकार या राज्य सरकारों को एफआईआर वापस लेने या शांतिपूर्ण प्रोटेस्टर्स के खिलाफ कार्रवाई न करने का फैसला करने से रोकता हो. सरकार को 25 जुलाई को किए गए अपने वादे से मुकरने के लिए कोर्ट के आदेश का हवाला नहीं देना चाहिए.

सरकार ने धोखा किया तो देशव्यापी विरोध ही रास्ता


कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से कहा गया है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो कॉकरोच जनता पार्टी के पास उन स्टूडेंट्स और युवा प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए अपना देशव्यापी विरोध फिर से शुरू करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं होगा. जो सरकार अपना वादा तोड़ती है, वह युवाओं से चुप रहने की उम्मीद नहीं कर सकती. अगर गारंटियों का अपमान किया जाता है, तो भारत की सड़कें एक बार फिर युवाओं की आवाज बनेंगी.

सौरभ दास ने देर रात एएनआई न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि मंगलवार तक की डेडलाइन तय की गई थी और कुछ ही घंटे बचे होने पर भी सरकार की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिला है. उन्होंने दोहराया कि आंदोलन ऐसे किसी भी आदेश या फैसले को स्वीकार नहीं करेगा जो सरकार की गारंटी का उल्लंघन करता हो.

ये भी पढ़ें :Anti Paper Leak Bill : रिजिजू ने कहा- विपक्ष बिल पर बात नहीं कर रहा, राहुल गांधी अभद्र भाषा का कर रहे हैं प्रयोग


विज्ञापन
रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola