बेंगलुरु: महिला पर अपनी 3 माह की जुड़वां बेटियों को पानी में डुबोकर हत्या का आरोप, फिर खुदकुशी की कोशिश, केस दर्ज
3 माह की जुड़वां बेटियों को पानी में डुबोकर मारा!
Bengaluru Crime News: एक महिला पर अपनी तीन महीने की जुड़वां बेटियों की हत्या का आरोप लगा है. पुलिस ने पति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया है.
बेंगलुरु में एक 40 वर्षीय महिला पर अपनी तीन महीने की जुड़वां बेटियों को पानी में डुबोकर मारने का आरोप लगा है. पुलिस ने महिला के पति की शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक, महिला ने कथित तौर पर बच्चियों को पानी में डुबाने के बाद खुदकुशी की कोशिश की.
पति घर लौटा तो अंदर से बंद था कमरे का दरवाजा
इंडियन एक्सप्रेस के रिपोर्ट के मुताबिक यह घटना मंगलवार दोपहर वज्रहल्ली इलाके में सामने आई. पुलिस के अनुसार, महिला का पति रामलिंगप्पा (50) घर लौटा तो एक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. दरवाजा खोलने पर उसने अपनी पत्नी उमादेवी को कथित तौर पर खुदकुशी की कोशिश करते हुए पाया. वहीं, उसी कमरे में दोनों बच्चियां भी मृत मिलीं.
ये देख पति मानो सदमें में आ गया. लेकिन उसने दिमाग से काम लिया और आनन-फानन में पत्नी उमादेवी को इलाज के लिए शंकर अस्पताल ले गया. जिससे उसकी जान बच गई. पत्नी को तो बचा लिया, लेकिन मासूम बच्चियों को खोने का दुख बहुत गहरा था. जिसके बाद वह पुलिस के पास पहुंचा और केस दर्ज कराई. वहीं, बच्चियों की जांच करने वाले डॉक्टरों को संदेह है कि उनकी मौत पानी में डूबने से हुई है.
ये भी पढ़ें: बिहार में 24 घंटे का मेगा ऑपरेशन, 1142 वांटेड अपराधी गिरफ्तार, हथियार-शराब और 359 किलो से ज्यादा ड्रग्स बरामद
10 साल बाद IVF से हुई थीं जुड़वां बेटियां
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, रामलिंगप्पा और उमादेवी करीब 10 साल से बीसीसी-एचएस लेआउट में रह रहे थे. दंपति के कोई बच्चा नहीं था. इसके बाद उन्होंने IVF उपचार कराया और फिर उमादेवी ने 5 मई को जुड़वां बच्चियों को जन्म दिया. परिवार के लिए यह लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी खुशी थी. हालांकि बताया गया कि बच्चियों के जन्म के करीब डेढ़ महीने बाद उमादेवी के व्यवहार में बदलाव आने लगा था.
ये भी पढ़ें: कोडरमा में घर का ताला तोड़कर चोरी, सोने की चेन-अंगूठी और 10 हजार नकद ले उड़े चोर
बच्चियों को आश्रम भेजने की बात कहती थी महिला
FIR के मुताबिक, उमादेवी बच्चों की देखभाल में रुचि नहीं दिखा रही थीं और बार-बार कहती थीं कि बच्चियों को किसी आश्रम में भेज दिया जाना चाहिए. परिवार ने उनके व्यवहार में बदलाव को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए NIMHANS और रघुवनहल्ली की एक संस्था में भी ले गया था. परिवार के मुताबिक, डॉक्टरों ने बताया था कि उनका व्यवहार प्रसव के बाद होने वाले अवसाद (postpartum depression) और हार्मोनल बदलाव से जुड़ा हो सकता है.
पुलिस को शक, बच्चियों को पानी में डुबाने के बाद की खुदकुशी की कोशिश
पुलिस का शक है कि उमादेवी ने खुदकुशी की कोशिश करने से पहले दोनों बच्चियों को पानी में डुबाया. हालांकि, घटना के पीछे की सही वजह अभी साफ नहीं है. तलघट्टपुरा पुलिस ने पति की शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है. पुलिस अब घटना की पूरी परिस्थितियों और महिला के व्यवहार में आए बदलाव की जांच कर रही है.
ये भी पढ़ें: सिरदला में पाइन के गहरे पानी में डूबने से अधेड़ की मौत, गाय को वापस लाने के दौरान हुआ हादसा
क्या होता है पोस्टपार्टम डिप्रेशन (postpartum depression)
पोस्टपार्टम डिप्रेशन बच्चे के जन्म के बाद होने वाला एक गंभीर मानसिक और भावनात्मक विकार है जो 2 हफ्ते से अधिक समय तक रहता है.
लक्षण
- अत्यधिक उदासी, निराशा या खालीपन महसूस होना
- बच्चे के साथ जुड़ाव (bonding) महसूस न होना
- बिना बात के बहुत ज्यादा रोना या मूड में अचानक बदलाव
- जरूरत से ज्यादा सोना या बिल्कुल नींद न आना
- ऊर्जा में भारी कमी और अत्यधिक थकान
- खुद को या अपने बच्चे को नुकसान पहुंचाने के विचार आना
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए