हेराल्ड मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कांग्रेस ने वेबसाइट पर डाले FAQ
Updated at : 07 Feb 2016 4:40 PM (IST)
विज्ञापन

नयी दिल्ली : कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर अपना पक्ष सामने रखने के लिए ‘‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तरों” का एक सेट निकाला है तथा पार्टी ने कहा है कि गांधी परिवार को यंग इंडियन लि. से कोई लाभ नहीं मिला है. पार्टी ने इन दावों को ‘‘पूरी तरह गलत” कहकर खारिज […]
विज्ञापन
नयी दिल्ली : कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर अपना पक्ष सामने रखने के लिए ‘‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तरों” का एक सेट निकाला है तथा पार्टी ने कहा है कि गांधी परिवार को यंग इंडियन लि. से कोई लाभ नहीं मिला है.
पार्टी ने इन दावों को ‘‘पूरी तरह गलत” कहकर खारिज कर दिया है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लि. के वित्तीय संकटों के चलते गठित की गयी कंपनी यंग इंडियन (वाइआई) लि. एक ‘‘रियल एस्टेट कंपनी” है. कांग्रेंस ने इस बात को भी रेखांकित किया है कि कानून में राजनीतिक दलों द्वारा कर्ज दिये जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है तथा चुनाव आयोग ने नवंबर 2012 में इस संबंध में एक स्पष्ट आदेश पारित किया था.
अखिल भारतीय कांग्रेंस समिति ने कहा, ‘‘भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस आधार पर कांग्रेंस की मान्यता खत्म करने की मांग की थी किन्तु उनकी शिकायत को उस समय चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ के आदेश द्वारा खारिज कर दिया गया था.” क्या सोनिया या राहुल गांधी को यंग इंडियन से वित्तीय लाभ हुआ, इस पर पाटी ने कहा कि नहीं.
यंग इंडियन के निदेशक या शेयरधारक होने के नाते कानून के तहत कंपनी से उन्हें किसी भी तरह का लाभ लेने पर प्रतिबंध है (और उन्होंने कुछ लिया भी नहीं है). यंग इंडियन एक गैर लाभप्रद एवं धारा 25 कंपनी है. पार्टी ने इस बात से भी इंकार किया है कि एजेएल से वाईआई को कोई परिसंपत्ति स्थानांतरित की गयी है.
कांग्रेंस ने अपनी वेबसाइट पर ‘‘नेशनल हेराल्ड” शीर्षक से डाले गए एफएक्यूज में कहा, ‘‘एजेएल की सभी परिसंपत्तियां एवं आय कंपनी में ही रहेंगी. एक पैसा भी वाईआई, वाईआई निदेशकों या वाईआई शेयरधारकों के पास नहीं गया है.” पार्टी ने इन दावों को ‘‘गलत” बताते हुए खारिज कर दिया कि एजेएल की संपत्ति हड़पने के लिए वाईआई की स्थापना की गई. उसने कहा, ‘‘इसके विपरीत यंग इंडियन एक गैर लाभप्रद धारा 25 कंपनी होने तथा एजेएल की प्रमुख शेयरधारक होने के नाते एजेएल की संपत्तियों की सुरक्षा बढ़ाती है.”
वित्त मंत्री अरुण जेटली के इस दावे कि वाईआई एक रियल एस्टेट कंपनी है, उसने कहा कि यह बयान पूरी तरह गलत है. उसने कहा, ‘‘पूरी तरह से गलत. वाईआई किसी रियल एस्टेट संपत्ति या अचल संपत्ति का स्वामित्व नहीं करती है. एजेएल के पास ही सभी संपत्तियों का स्वामित्व बना हुआ है.” कांग्रेंस ने इन दावों से भी इंकार किया कि वाईआई अब एजेएल की संपत्ति का स्वामित्व करती है.
उसने कहा, ‘‘नहीं, यंग इंडियन एवं एसोसिएटेड जर्नल, दोनों भिन्न प्रतिष्ठान हैं. एजेएल की सभी संपत्तियां एवं परिसंतियां एजेएल के पास बनी हुई हैं. यह आरोप उन गलत आरोपों के समान है कि इंडियन होटल्स लि. के किसी शेयरधारक के पास ताज समूह की होटल संपत्तियों पर अधिकार है और वह किसी खास होटल का स्वामित्व करता है या उसमें जा सकता है.” कांगे्रस द्वारा एजेएल को 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिये जाने का औचित्य बताते हुए पार्टी ने कहा कि उसने पिछले कई दशकों से एजेएल को वित्तीय सहयोग दिया हालांकि कंपनी की वित्तीय स्थिति कमजोर बनी रही.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




