कोलगेट मामले में सीबीआई से कोर्ट ने पूछा, क्लोचर रिपोर्ट दाखिल करने की क्या जल्दी थी?

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : कोल ब्लॉक आवंटन मामले में एक विशेष अदालत ने आज सीबीआई से पूछा कि आखिर इस मामले में क्लोचर रिपोर्ट दाखिल करने की क्या जल्दी थी. इस मामले मेंशीर्ष उद्योगपति कुमार मंगलम बिडला और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश भरत पाराशर ने एजेंसी के जांच अधिकारी से सवाल किया, इस मामले को बंद करने की क्या जल्दी थी ? सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि स्क्रीनिंग कमेटी की जिस बैठक में बिडला के स्वामित्व वाली हिंडाल्को कंपनी के कोयला ब्लॉक आवंटन की मांग करने वाले आवेदन पर विचार किया गया था, उस बैठक के मूल मिनट्स लापता हैं.

इस पर अदालत ने जांच अधिकारी से यह बताने को कहा कि क्या कोई ऐसा बयान है जिसमें कहा गया है कि जांच समिति की बैठक के मूल मिनट्स गुम हो गये हैं. न्यायाधीश ने कहा किसी का भी ऐसा कोई बयान नहीं है कि मूल मिनट्स गुम हो गए हैं. जांच अधिकारी जब अदालत के सवालों पर स्पष्टीकरण नहीं दे पाये तब न्यायाधीश ने उन्हें उनके निरीक्षण अधिकारी को अदालत में बुलाने का आदेश दिया.

साथ ही अदालत ने केस डायरी नहीं लाने के लिए भी सीबीआई की खिंचाई की. न्यायाधीश ने जांच अधिकारी से कहा किस आधार पर आपने (सीबीआई ने) यह (मामले को बंद करने का) निष्कर्ष निकाला है ? किस तरह की जांच आपने की है ? निरीक्षण अधिकारी क्या कर रहे थे. पुलिस फाइल ले कर आइये और अपने निरीक्षण अधिकारी को भी अदालत में बुलाइये.

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