विभाजन के बाद लाहौर से दिल्ली आ गये थे जेटली के पिता, बेटा-बेटी भी हैं वकील
Updated at : 25 Aug 2019 8:29 AM (IST)
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नई दिल्ली :विभाजन के बाद अरुण जेटली के पिता महाराजा किशन जेटली लाहौर से भारत आ गये थे. उनके पिता पेशे से वकील थे. एक सफल वकील के बेटे जेटली ने कानून की पढ़ाई की और देश में आपातकाल हटने के बाद वकालत शुरू की. अरुण जेटली की पत्नी का नाम संगीता है. उनकी शादी […]
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नई दिल्ली :विभाजन के बाद अरुण जेटली के पिता महाराजा किशन जेटली लाहौर से भारत आ गये थे. उनके पिता पेशे से वकील थे. एक सफल वकील के बेटे जेटली ने कानून की पढ़ाई की और देश में आपातकाल हटने के बाद वकालत शुरू की. अरुण जेटली की पत्नी का नाम संगीता है. उनकी शादी साल 1982 को हुई.
दोनों के दो बच्चे हैं. एक बेटा और एक बेटी. बेटे का नाम रोहन हैं और बेटी का नाम सोनाली. अरुण जेटली की बेटी और बेटा दोनों अपने पिता की तरह वकील हैं. ये तीसरी पीढ़ी है जिसने वकालत में अपना करियर बनाया है.
जहां अपने बच्चों को पढ़ाया, ड्राइवर और कुक के बच्चे भी वहीं पढ़े
जेटली हमेशा चाहते थे कि उनके आसपास के सभी लोगों का भी जीवन स्तर ऊंचा उठे. अपने निजी स्टाफ का वह परिवार के सदस्य की तरह देखभाल करते थे. उन्हें समय पर दवा देनी हो या डाइट, सबका बखूबी ख्याल रखते थे. जेटली ने स्टाफ के बच्चों को वहीं पढ़ाया, जहां उनके बच्चे पढ़ते थे. अगर कर्मचारी का कोई प्रतिभावान बच्चा विदेश में पढ़ने का इच्छुक होता था, तो उसे विदेश में पढ़ने भेजा जाता था.
ड्राइवर जगन और सहायक पद्म सहित करीब 10 कर्मचारियों में से तीन के बच्चे अभी विदेश में पढ़ रहे हैं. जिन कर्मचारियों के बच्चे अच्छे अंक लाते हैं, उन्हें जेटली की पत्नी संगीता भी गिफ्ट देकर प्रोत्साहित करती हैं.
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