भाजपा और कांग्रेस को विदेशी चंदा मिलना कानून का उल्लंघन : अदालत

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज भाजपा और कांग्रेस को ब्रिटेन स्थित वेदांता रिसोर्सेज की सहयोगी कंपनियों से चंदा लेकर प्रथमदृष्टया विदेशी अनुदान कानून तोडने का जिम्मेदार ठहराया और केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग को उनके खिलाफ छह महीने के भीतर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया.

न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की पीठ ने सरकार और चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि राजनीतिक दलों की प्राप्तियों की पुन: समीक्षा और पुनमरूल्यांकन किया जाए और सभी विदेशी स्नेतों से मिले चंदे का पता लगाकर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए.अदालत ने कहा कि प्रतिवादियों :भाजपा और कांग्रेस: की गतिविधियां प्रथमदृष्टया विदेशी अनुदान (नियमन) कानून, 1976 के तहत लागू प्रतिबंध का स्पष्ट उल्लंघन है क्योंकि राजनीतिक दलों द्वारा स्टरलाइट और सेसा से प्राप्त चंदा कानून के लिहाज से विदेशी स्नेतों से प्राप्त माना जाएगा.

पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादियों 1 और 2 :केंद्र और चुनाव आयोग: राजनीतिक दलों की प्राप्तियों की समीक्षा और पुन: मूल्यांकन करेंगे और उपर बताये कानून के अनुसार विदेशी स्नेतों से मिले विदेशी चंदे का पता लगाकर कानून के मुताबिक कार्रवाई करेंगे.अदालत ने कहा कि कंपनी अधिनियम के हिसाब से वेदांता विदेशी कंपनी है इसलिए अनिल अग्रवाल के स्वामित्व वाली कंपनी और उसकी सहयोगी कंपनियां स्टरलाइट तथा सेसा विदेशी अनुदान :नियमन: अधिनियम के अनुसार विदेशी स्नेत हैं.

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