बच्चे की नींद में छिपे हैं सेहत के संकेत? इन बदलावों को न करें नजरअंदाज

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PC: सोते हुए बच्चे और मां की फोटो (AI Generated)

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Child Sleep Quality: बच्चे की नींद के घंटे ही नहीं, क्वालिटी भी है जरूरी. खर्राटे, मुंह से सांस लेना या चिड़चिड़ापन? जानें क्या बताते हैं ये संकेत और कैसे रखें बच्चे की नींद पर नजर.

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Child Sleep Quality: बच्चे के लिए अच्छी नींद उतनी ही जरूरी है जितना सही खाना और खेलना. लेकिन माता-पिता अक्सर यह देखते हैं कि बच्चा कुल कितने घंटे सोया. जबकि नींद की क्वालिटी और पैटर्न भी काफी कुछ बता सकते हैं. रात में बार-बार जागना, लगातार खर्राटे लेना, मुंह से सांस लेना या दिन में बहुत चिड़चिड़ा रहना जैसी बातें भी नोटिस करने लायक हैं. 

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Child Sleep Quality: बच्चे की उम्र के हिसाब से कितनी नींद जरूरी है?

हर उम्र में बच्चे की नींद की जरूरत अलग होती है. American Academy of Sleep Medicine की सलाह के अनुसार, 24 घंटे में बच्चों को लगभग इतनी नींद लेनी चाहिए:

बच्चे की उम्र24 घंटे में नींद
4 से 12 महीने12 से 16 घंटे
1 से 2 साल11 से 14 घंटे
3 से 5 साल10 से 13 घंटे
6 से 12 साल9 से 12 घंटे
13 से 18 साल8 से 10 घंटे

खर्राटे और मुंह से सांस लेना कब ध्यान देने वाली बात है?

कभी-कभी सर्दी-जुकाम या नाक बंद होने पर बच्चा मुंह से सांस ले सकता है. लेकिन अगर बच्चा लगातार तेज खर्राटे लेता है, सोते समय मुंह से सांस लेता है, उसकी सांस रुकती या शुरू होती हुई दिखती है या रात में बार-बार (Child Sleep Quality) जागता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. NHLBI के अनुसार ये बच्चों में sleep apnea के संभावित संकेत हो सकते हैं. 

सिर्फ नींद के घंटे नहीं, अगले दिन बच्चे का व्यवहार भी देखें 

बच्चे की रात की नींद का असर अगले दिन उसके व्यवहार में भी दिख सकता है. दिन में जरूरत से ज्यादा नींद आना, ध्यान लगाने में परेशानी, चिड़चिड़ापन या व्यवहार में बदलाव लगातार नजर आए तो माता-पिता को इसे नोट करना चाहिए. 

AAP के अनुसार बच्चे की नींद का आकलन करते समय सिर्फ सोने के घंटे नहीं, बल्कि नींद की गुणवत्ता और खर्राटे या सांस से जुड़े लक्षणों को भी देखना जरूरी है. 

PC: AI Generated
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Sleep Diary से रखें बच्चे की नींद पर नजर

अगर बच्चे की नींद को लेकर बार-बार परेशानी दिख रही है, तो कुछ दिनों की Sleep Diary बनाना मददगार हो सकता है. इसमें रोज लिखें बच्चा कितने बजे सोया, कितने बजे उठा, रात में कितनी बार जागा, दिन में कितनी देर सोया और अगले दिन उसका मूड या व्यवहार कैसा रहा. यह जानकारी डॉक्टर को समस्या समझने में भी मदद कर सकती है. 

यह भी पढ़ें: बच्चा कब भूखा और कब उसका पेट भर चुका है, क्या आप जानते हैं? जानें सही Feeding Routine

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