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डेवलप हुई Antibody या Vaccine के डोज के बाद भी Corona Third Wave के हो सकते हैं शिकार, जानें एक्सपर्ट ने क्या किया खुलासा

By Prabhat khabar Digital
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Corona Third Wave, How Does Virus Mutate, Corona Infection After Recovery, After Second Dose
Corona Third Wave, How Does Virus Mutate, Corona Infection After Recovery, After Second Dose
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Corona Third Wave, How Does Virus Mutate, Corona Infection After Recovery, After Second Dose: अगर आप कोरोना संक्रमित होकर उससे उबर चुके हैं और ये सोच रहे हैं कोरोना के तीसरे लहर में आप चपेटे में नहीं आ सकते तो ये आपकी गलतफहमी है. इसे लेकर केंद्र सरकार के प्रिसिंपल साइंटिफिक अडवाइजर विजय राघवन ने कहा है कि इन्फेक्शन के बाद आपकी बॉडी में सक्रिय हुआ एंटीबॉडीज और वैक्सिनेशन के दोनों लेने के बाद भी आपमें संक्रमण का खतरा बना रह सकता है. इसपर कोविड क्रिटिकल केयर के डॉक्टर हिमांशु कुमार ने जो बताया वो आपके रोंगटे खड़े कर सकता है. आइये जानते हैं विस्तार से...

एंटीबॉडी और वैक्सीनेशन के बाद भी थर्ड वेव का हो सकते हैं शिकार

दरअसल, एक्सपर्ट ने तीसरी लहर के आने की चेतावनी पहली ही दे दी और यह भी कहा है कि इसे टाला नहीं जा सकता. सुरक्षा ही इससे बचाव का सही उपाय है. विजय राघवन ने बताया कि आपकी इम्युनिटी को कोरोना के तीसरे लहर से भी खतरा बना रहेगा. चाहे फिर आपने वैक्सीन के दोनों डोज ले लिए हो या दूसरे लहर में संक्रमित होकर आपके में एंटीबॉडीज डेवलप हो चुकी हो.

पहले से कम होगा खतरा

हालांकि, इस विषय पर बात करते हुए कोविड क्रिटिकल केयर के डॉक्टर हिमांशु कुमार (Dr. Himanshu Kumar) बताते हैं कि खतरा तो जरूर बना रहेगा. लेकिन, नए संक्रमितों के मुकाबले पहले जो संक्रमित हुए है उनमें यह कम रहेगा. यही नहीं अगर आपने वैक्सीन के दोनों डोज ले लिए हैं तो आप गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ेंगे. हालांकि, हल्के लक्षण जरूर आ सकते हैं. जिसकी उपचार करना भी जरूरी होगा.

वैक्सीन कैसे करता है बॉडी में काम

डॉ. हिमांशु बताते हैं कि दरअसल, वैक्सीन भी एक प्रकार न्यूट्रालाइज वायरस है जो बॉडी में पहले ही डाल दिया जाता है. यह बॉडी में कोरोना के खिलाफ स्ट्रांग एंटीबॉडी बना देता है. जैसे ही कोरोना से व्यक्ति इंफेक्टेड होता है तो आपके बॉडी में पहले से मौजूद एंटीबॉडी उस बाहरी वायरस की पहचान करके उसपर हमला करना शुरू कर देता है.

डॉक्टर हिमांशु बताते हैं कि जो व्यक्ति पहले म्यूटेटेड वायरस से संक्रमित हुए, वे तीसरे म्यूटेशन वाले वायरस से गंभीर रूप से संक्रमित हो सकते है, जबकि दूसरे म्यूटेटेड वायरस से संक्रमित हुए व्यक्ति पहले के मुकाबले कम हो सकते है.

क्यों वायरस का होता है म्यूटेशन

इसे आसान शब्दों में समझाते हुए डॉक्टर हिमांशु कहते हैं कि जिस तरह संक्रमित होने के बाद आप अपने उपचार में लग जाते हैं ठीक उसी तरह वायरस भी अपने बचाव के लिए म्यूटेशन करता है. जिससे उसके आरएनए में बदलाव होता है. आरएनए में बदलाव होने के कारण उससे बनने वाले प्रोटीन में भी बदलाव हो जाता है. दरअसल, यह पूरा बदलाव वायरस आपके ही बॉडी में करता है.

Posted By: Sumit Kumar Verma

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