Janmashtami Special: TV इंडस्ट्री के इस कृष्ण भगवान ने असल जिंदगी में ले लिया बैराग, अब पहाड़ों में काट रहे हैं अपनी जिंदगी
सर्वदमन डी. बनर्जी, फोटो- इंस्टाग्राम
रामानंद सागर के ‘श्री कृष्ण’ बनकर घर-घर में पूजे जाने वाले सर्वदमन डी. बनर्जी अचानक पर्दे से क्यों गायब हो गए? जानिए कैसे टीवी के सबसे चहेते ‘कान्हा’ ने ग्लैमर की चकाचौंध छोड़ ऋषिकेश की शांत वादियों में योग, ध्यान और समाज सेवा को अपनी जिंदगी बना लिया.
Where is Shri Krishna Fame Sarvadaman Banerjee now: रामानंद सागर के ‘श्री कृष्ण’ में अपनी एक स्माइल और छवि से मोहित करने वाले और टीवी जगत के सबसे पॉपुलर श्री कृष्णा बने सर्वदमन डी. बनर्जी आज भी घर- घर में मशहूर है. उनकी मुस्कान, संवाद बोलने का अंदाज और कृष्ण के रूप में उनका व्यक्तित्व दर्शकों को इतना पसंद आया कि लोग उन्हें असल जिंदगी में भी भगवान कृष्ण के रूप में देखने लगे थे. पर क्या आपको पता है, आज सर्वदमन ग्लैमर और टीवी की दुनिया से काफी दूर हैं और एक शांत और आध्यात्मिक जीवन जी रहे हैं, आइये जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर जाने कहां हैं वो.
फिल्मों से शुरू हुआ था करियर
सर्वदमन डी. बनर्जी का जन्म 14 मार्च 1965 को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में हुआ था. उन्होंने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट से पढ़ाई की और अभिनय की दुनिया में कदम रखा. साल 1983 में आई फिल्म ‘आदि शंकराचार्य’ में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई. इस फिल्म को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। इसके बाद उन्होंने हिंदी, संस्कृत और तेलुगु सिनेमा में काम किया. 1986 की फिल्म ‘सिरिवेन्नेला’ में उन्होंने एक नेत्रहीन बांसुरी वादक की भूमिका भी निभाई थी.

हालांकि, उन्हें सबसे ज्यादा लोकप्रियता रामानंद सागर के ‘श्री कृष्ण’ से मिली. 1993 में शुरू हुए इस धारावाहिक में उनका कृष्ण का किरदार दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुआ. दिलचस्प बात यह है कि कृष्ण की भूमिका निभाने के बाद उनकी पहचान इतनी मजबूत हो गई कि कई लोग उन्हें वास्तविक जीवन में भी उसी नजर से देखने लगे.
अचानक क्यों छोड़ दी ग्लैमर की दुनिया?
श्री कृष्णा के किरदार से लोकप्रियता पाने वाले सर्वदमन हमेशा से आध्यात्मिक की और जाना चाहते थे. यही वजह थी कि एक समय के बाद उन्होंने एक्टिंग से दूरी बनाने का फैसला किया.
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उन्होंने अपनी जिंदगी को फिल्म और टीवी की चकाचौंध से हटाकर नेचर, योग और मेडिटेशन से जोड़ने का फैसला किया. इसके बाद वह ऋषिकेश चले गए, जहां अब उनका ज्यादातर समय आध्यात्मिक गतिविधियों में बीतता है.
लाइट हाउस से शुरू किया है मैडिटेशन सेंटर
सर्वदमन ने ऋषिकेश में ‘लाइट हाउस’ नाम से एक मेडिटेशन सेंटर शुरू किया. ऑफिसियल वेबसाइट के अनुसार, यहां योग, प्राणायाम और मेडिटेशन जैसी गतिविधियों के जरिए लोगों को आत्मचिंतन और मेन्टल पीस की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है. सर्वदमन खुद भी यहां मेडिटेशन सिखाते हैं.

इतना ही नहीं, सर्वदमन समाज सेवा में भी एक्टिव हैं. उन्होनें ‘पंख’ नाम की संस्था से भी जुड़े हैं, जो जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पहल के जरिए गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों और महिलाओं की मदद की जाती है.
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