Exclusive: टेम्पो में भर रहे थे दफ्तर के पेपर्स, पुलिस बुलानी पड़ी... CINTAA चुनाव जीतते ही उपासना सिंह ने खोली पूनम ढिल्लों के पैनल की पोल
सिंटा चुनाव पर उपासना सिंह, फोटो- इंस्टाग्राम
CINTAA चुनाव जीतने के बाद एक्ट्रेस उपासना सिंह ने प्रभात खबर से खास बातचीत में किए कई बड़े खुलासे. उन्होंने बताया कैसे धमकाने के बाद भी एक्टर्स ने वोट दिया और दफ्तर से टेम्पो में पेपर ले जाने का क्या सच है.
Exclusive: फिल्म और टीवी कलाकारों की संस्था सिंटा (CINTAA) के री-इलेक्शन में सबसे ज्यादा वोट हासिल करके जीतने वाली मशहूर एक्ट्रेस उपासना सिंह ने जीत के ठीक बाद प्रभात खबर से एक्सक्लूसिव बातचीत की. इस बातचीत में उपासना सिंह ने चुनाव से पहले मिले डर, धमकियों, वायरल वीडियो और दफ्तर से गायब किए गए कागजात को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.
'जबरदस्त जीत हुई है, एक्टर्स डरे नहीं'
जीत की खुशी जाहिर करते हुए उपासना सिंह ने प्रभात खबर से कहा,
"जबरदस्त जीत हुई है. मैं आपको बता नहीं सकती कि दिल कितना खुश है. जितने लोगों को इन्होंने धमकियां दी थीं कि वोट देने मत जाना, तुम्हारा कार्ड कैंसिल करवा देंगे, तुम पर लीगल एक्शन लेंगे... इसके बावजूद एक्टर्स इतनी बड़ी तादाद में वोट डालने आए. उन्होंने साफ दिखा दिया कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं. 51 नॉमिनेशन फॉर्म भरकर पहले ही इतिहास बन गया था और अब नतीजे सबके सामने हैं. हमारी पूरी की पूरी कमेटी जीत गई है. "
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'मैं सिख की बेटी हूं, सच कभी नहीं हारता'
जब उनसे पूछा गया कि सामने पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे जैसी दिग्गज एक्ट्रेस थीं, तो क्या उन्हें कभी हारने का डर लगा? इस पर उपासना ने अपनी मां का एक किस्सा सुनाते हुए कहा:
"मुझे कभी डर नहीं लगा. सच थोड़े समय के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन सच कभी हार नहीं सकता मैं सिखों की लड़की हूं, सरदारनी हूं. एक बार बचपन में हमारे घर की दीवार तोड़ने 40 लोग आ गए थे, तब मेरी मां अकेले डंडा लेकर दीवार पर चढ़ गई थीं और उन 40 लोगों को भगा दिया था. मैं उस मां की बेटी हूं, डरने का तो सवाल ही नहीं उठता."
टेम्पो में सिंटा के पेपर्स भरने पर क्या बोलीं उपासना?
वोटिंग से ठीक पहले हुए हंगामे और वायरल वीडियो पर बात करते हुए उपासना सिंह ने कहा,
"इलेक्शन का ऐलान हो गया था और आचार संहिता लग चुकी थी. ऐसे में ऑफिस से कोई भी पेपर बाहर नहीं जा सकता. लेकिन इन्होंने 25-30 लोगों को बुलाकर टेम्पो में और अपनी गाड़ियों में सिंटा के जरूरी पेपर्स भरवाए. मुझे जैसे ही फोन आया, मैं जिस हाल में घर में बैठी थी, वैसे ही भागी. 100 नंबर पर पुलिस को कॉल किया. जब मैं वहां वीडियो बना रही थी, तो मेरा फोन तक छीनने की कोशिश की गई. अगर कोई गड़बड़ नहीं थी, तो पेपर्स टेम्पो में भरकर क्यों ले जाए जा रहे थे?"
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