Success Story: भेड़ चराने वाले के बेटे ने UPSC में रचा इतिहास, खेत में मना जश्न, देखें Video

Author Govind jee
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यूपीएससी सफलता की कहानी

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UPSC Success Story in Hindi: भेड़पालक समुदाय से आने वाले बीरप्पा डोणी ने UPSC 2024 में 551वीं रैंक हासिल कर सबको प्रेरित किया. बेलगावी के ननवाड़ी गांव में चरागाह पर जश्न मनाया गया. परिवार की मेहनत, सपनों और संघर्ष की यह कहानी दिल छू लेती है। पढ़िए एक साधारण युवक की असाधारण सफलता की कहानी.

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UPSC Success Story in Hindi: महाराष्ट्र के अमागे गांव निवासी बीरप्पा, छुट्टियों में बेलगावी जिले के ननवाड़ी गांव स्थित अपने रिश्तेदारों से मिलने आए थे. 23 अप्रैल को उनके परिवार को सूचना मिली कि बीरप्पा ने UPSC 2024 में 551वीं रैंक हासिल की है. यह खबर मिलते ही परिवार और पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई.

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22 अप्रैल को जैसे ही परीक्षा का रिजल्ट आया, 23 अप्रैल को बीरप्पा के परिवार को इस सफलता की खबर मिली. उस समय वे छुट्टियों में अपने रिश्तेदारों के पास गांव आए हुए थे. परिवार ने उसी चरागाह पर खुशी मनाई, जहां रोज भेड़ें चराई जाती थीं. 

गांववालों ने पारंपरिक अंदाज में फूल-मालाओं और लोकगीतों के साथ इस कामयाबी का जश्न मनाया.  बीरप्पा के इस जश्न का वीडियो आप देख सकते हैं, जिसमें पूरे समुदाय की खुशी साफ झलक रही है. 

Success Story: सेना में अधिकारी बनना चाहते थे बीरप्पा

बीरप्पा का सपना सेना में अधिकारी बनने का था, जैसे उनके बड़े भाई हैं, जो भारतीय सेना में कार्यरत हैं.  बीरप्पा ने बीटेक किया है. वे सेना की परीक्षा देना चाहते थे, लेकिन किसी कारणवश वह संभव नहीं हो सका. इसके बाद उन्होंने इंडिया पोस्ट में नौकरी कर ली. कुछ सालों तक नौकरी करने के बाद उन्होंने वह काम छोड़ दिया और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की.  तीसरे प्रयास में उन्होंने UPSC की परीक्षा पास कर ली.  अब वे चाहते हैं कि उन्हें IPS (भारतीय पुलिस सेवा) में चयन मिले. 

UPSC Success Story in Hindi: “मेरा बेटा मेहनती है, जरूर सफल होगा”

बीरप्पा के पिता सिद्धप्पा डोणी कहते हैं, “मुझे इस परीक्षा के बारे में ज्यादा नहीं पता, लेकिन मुझे विश्वास है कि मेरा बेटा मेहनती और होशियार है. लोग कह रहे हैं कि वह बड़ा अधिकारी बनेगा. वह सेना में जाना चाहता था, अब पुलिस में जाएगा, तो भी मुझे गर्व है.”

उनके चाचा यल्लप्पा गड्डी ने कहा, “हमारे समुदाय के लिए यह बहुत बड़ी बात है. हमारा भतीजा इतनी कठिन परीक्षा पास कर सका, इससे बाकी युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी. हम चाहते हैं कि वह ईमानदार अफसर बने और गरीबों की मदद करे.”

UPSC CSE 2024-25: 13 लाख में चुने गए 1,009

इस बार यूपीएससी परीक्षा के लिए करीब 13 लाख छात्रों ने आवेदन किया था. इनमें से सिर्फ 14,627 ही प्रारंभिक परीक्षा पास कर पाए. कुल 2,845 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था. जिसमें कुल 1,009 उम्मीदवारों को विभिन्न सेवाओं में नियुक्त किया गया. शक्ति दुबे शीर्ष रैंक पर आए हैं. दूसरे स्थान पर हर्षिता गोयल और तीसरे स्थान पर डोंगरे अर्चित पराग हैं.

हर साल UPSC से कई प्रेरक कहानियां सामने आती हैं, लेकिन बीरप्पा डोणी की कहानी खास है. यह सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे भेड़पालक समुदाय और उन सभी युवाओं की कहानी है, जो कठिन हालातों में भी अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं. 

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