रिलायंस को मिली वेनेजुएला से तेल खरीदने की मंजूरी, अमेरिका से मिला लाइसेंस

Updated:
विज्ञापन

Reliance-Venezuela Deal

Reliance-Venezuela Deal: मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज को अमेरिका से बड़ी कामयाबी मिली है. कंपनी को अब वेनेजुएला से सीधे कच्चा तेल खरीदने का लाइसेंस मिल गया है. इस मंजूरी के बाद रिलायंस बिना किसी पाबंदी के सस्ता तेल मंगा सकेगी, जिससे कंपनी की लागत में भारी कमी आने की उम्मीद है.

विज्ञापन

Reliance-Venezuela Deal: एशिया के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए एक शानदार खबर आई है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस को अब अमेरिका से वेनेजुएला का तेल खरीदने का जनरल लाइसेंस मिल गया है. इसका मतलब यह है कि रिलायंस अब बिना किसी कानूनी डर या पाबंदी के सीधे वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों से क्रूड ऑयल मंगवा सकेगी.

विज्ञापन

क्यों अहम है ये लाइसेंस?

अभी तक वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से रिलायंस को तेल खरीदने में दिक्कतें आ रही थीं. पिछला साल ऐसा भी रहा जब रिलायंस को अपनी खरीदारी पूरी तरह रोकनी पड़ी थी. लेकिन अब लाइसेंस मिलने के बाद रिलायंस न सिर्फ तेल खरीद पाएगी, बल्कि उसे आगे बेच भी सकेगी. रिलायंस का गुजरात स्थित रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स दुनिया का सबसे एडवांस प्लांट है, जो वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को आसानी से प्रोसेस कर सकता है.

खर्च में होगी भारी कटौती

बाजार के जानकारों का कहना है कि वेनेजुएला से सीधा सौदा होने पर रिलायंस को तगड़ी बचत होगी. दरअसल, रूस के तेल के मुकाबले वेनेजुएला का कच्चा तेल काफी सस्ता पड़ता है. रिलायंस ने इस साल की शुरुआत में ही इसके लिए आवेदन किया था. हाल ही में कंपनी ने विटोल (Vitol) नाम की फर्म के जरिए 20 लाख बैरल तेल मंगवाया भी था, लेकिन अब सीधा लाइसेंस मिलने से बीच के बिचौलियों का खर्च खत्म हो जाएगा.

अमेरिका और भारत के बीच बदलती तस्वीर

वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल का खजाना है. हाल ही में अमेरिका ने वहां की एनर्जी इंडस्ट्री पर लगी पाबंदियों में ढील देने का फैसला किया है, ताकि 2 अरब डॉलर की ऑयल सप्लाई डील को पूरा किया जा सके. इसके साथ ही अमेरिका ने वहां के तेल ढांचे को सुधारने के लिए 100 अरब डॉलर का मेगा प्लान भी बनाया है. भारत के नजरिए से देखें तो डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर लगा 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ भी हटा दिया है, जिससे अब व्यापार और आसान होगा.

रूस के तेल से घट सकती है निर्भरता

माना जा रहा है कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल के रास्ते खुलने के बाद भारतीय कंपनियां रूस से अपनी खरीदारी कम कर सकती हैं. रिलायंस की दो बड़ी रिफाइनरीज में रोजाना 14 लाख बैरल तेल प्रोसेस करने की क्षमता है. भारत और अमेरिका के बीच हुई हालिया ट्रेड डील के बाद अब यह संभावना बढ़ गई है कि आने वाले दिनों में भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए वेनेजुएला को बड़ा पार्टनर बनाएगा.

Also Read: 1000 अंकों से ज्यादा गिरा सेंसेक्स, इंवेस्टर्स के डूबे 7 लाख करोड़ रुपये

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola