Recession News: भारत में मंदी का शून्य रहेगा असर, इन देशों में सबसे ज्यादा पड़ेगा प्रभाव
Published by : Rajeev Kumar Updated At : 03 May 2023 3:47 PM
World Recession Report - ग्लोबल लेवल पर मंदी की आशंका की वजह से कई कंपनियां बंद हो चुकी हैं. आईटी सेक्टर में ज्यादातर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को निकाला है. वहीं, बैंकिंग सेक्टर भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
Recession Report: भारत में मंदी की संभावना शून्य प्रतिशत है. वहीं, अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशों में यह 65 प्रतिशत और 75 प्रतिशत है. ग्लोबल लेवल पर मंदी की आशंका की वजह से कई कंपनियां बंद हो चुकी हैं. आईटी सेक्टर में ज्यादातर कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को निकाला है. वहीं, बैंकिंग सेक्टर भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुआ है. इस बीच एक ऐसा डेटा सामने आया है, जो डरानेवाला है. अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देशों में भारी मंदी का अनुमान है. हालांकि इस डेटा को देखकर भारतीय राहत की सांस ले सकते हैं.
Recession probability forecast, 2023:
— World of Statistics (@stats_feed) May 2, 2023
🇮🇳 India: 0%
🇮🇩 Indonesia: 2%
🇸🇦 Saudi Arabia: 5%
🇨🇳 China: 12.5%
🇧🇷 Brazil: 15%
🇨🇭 Switzerland: 20%
🇪🇸 Spain: 25%
🇲🇽 Mexico: 27.5%
🇰🇷 South Korea: 30%
🇯🇵 Japan: 35%
🇷🇺 Russia: 37.5%
🇦🇺 Australia: 40%
🇿🇦 South Africa: 45%
🇫🇷 France: 50%
🇨🇦…
मंदी वाले टॉप 3 देश
World of Statistics के डेटा के अनुसार, मंदी की संभावना भारत में शून्य है. वहीं, सबसे ज्यादा मंदी का असर ब्रिटेन में दिखने का अनुमान है. यहां मंदी के 75 फीसदी रहने की संभावना है. इसके बाद न्यूजीलैंड है, जहां मंदी का असर 70 फीसदी हो सकता है. अमेरिका इस मामले में तीसरे नंबर पर रह सकता है, जहां मंदी का असर 65 फीसदी होने का अनुमान है.
इन देशों में 50 फीसदी से ज्यादा मंदी की संभावना
फ्रांस भी मंदी की चपेट में आ सकता है, क्योंकि यहां भी कई कंपनियां आर्थिक कमी के चलते प्रभावित हुई हैं. फ्रांस में मंदी का असर 50 प्रतिशत हो सकता है. वहीं, कनाडा में 60 प्रतिशत, इटली में 60 प्रतिशत और जर्मनी में भी 60 प्रतिशत मंदी का असर दिख सकता है.
Also Read: भारत और वैश्विक मंदीप्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Rajeev Kumar
राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










