Paytm: अगले साल प्रॉफिट में आ जाएगी कंपनी! जानिए CEO विजय शेखर शर्मा ने क्या कुछ कहा…

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Paytm News: डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम की संचालक फर्म वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के एमडी और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा है कि कंपनी अगले साल सितंबर में खत्म होने वाली तिमाही में प्रॉफिट में आ जाएगी.

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Paytm News: डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म पेटीएम की संचालक फर्म वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के एमडी और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा है कि कंपनी अगले साल सितंबर में खत्म होने वाली तिमाही में प्रॉफिट में आ जाएगी. दरअसल, शेयरधारकों के बीच पेटीएम के शेयरों के भाव आईपीओ के समय के 2,150 रुपये से बहुत नीचे गिरकर 771 रुपये पर आ जाने से एक तरह की बेचैनी देखी जा रही है.

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विजय शेखर शर्मा ने कही ये बात

वहीं, पेटीएम के एमडी व सीईओ विजय शेखर शर्मा ने शेयरधारकों के सवाल के जवाब में कहा कि प्रबंधन यह सुनिश्चित करने में लगा है कि कंपनी वृद्धि करे और बढ़ते कारोबार के लिए तगड़ा मुनाफा भी कमाए. उन्होंने साथ ही कहा कि कंपनी शेयरों के भाव पर किसी तरह का दखल नहीं रखती है. लेकिन, प्रबंधन कंपनी को प्रॉफिटेबल बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 तक कंपनी विस्तार की मुहिम में लगी हुई थी और वर्ष 2019-20 से इसने कमाई पर ध्यान देना शुरू किया.

कंपनी का बढ़ा घाटा

विजय कुमार शर्मा ने कंपनी की वार्षिक आमसभा (AGM) में बोलते हुए कहा कि एक छोटी कंपनी के लाभदायक होने और एक बड़ी कंपनी के लाभदायक होने में अंतर होता है. हमारी महत्वाकांक्षा एक बड़े पैमाने की कंपनी बनने और लाभदायक बनने की है. उन्होंने कहा कि पेटीएम का घाटा वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में 380.2 से बढ़कर 644 करोड़ रुपये हो गया है. बता दें कि पेटीएम के शेयर शुक्रवार को 771.85 रुपये के भाव पर बंद हुए. वहीं, पिछले एक महीने में शेयर 4.66 फीसदी चढ़े हैं. कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट आने का कारण बताते हुए शर्मा ने कहा कि मैक्रो, माइक्रो, इंटरनेशनल इनवेस्टर्स और कई दूसरे सेंटीमेंट्स शेयरों की कीमतों पर बड़ा असर डालते हैं. उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट कोशिश कर रहा है कि कंपनी मुनाफा कमाना शुरू कर दे.

बिजनेस के विस्तार के लिए अच्छा प्रॉफिट जरूरी

कंपनी के एमडी और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने कहा कि कारोबार के विस्तार के लिए अच्छा प्रॉफिट जरूरी है. बताया गया कि लघु और मध्यम अवधि में कंपनी की अधिग्रहण करने की कोई योजना नहीं है. कहा गया कि कंपनी के लिए अधिग्रहण की तुलना में बड़े पैमाने पर निर्माण करना आसान है.

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