तेल की आग में झुलसा शेयर बाजार, सेंसेक्स 593 अंक धड़ाम, निफ्टी भी 207 अंक लुढ़का
शेयर बाजार में भारी गिरावट और मार्केट क्रैश
Indian Stock Market: क्रूड ऑयल $108.27 के पार पहुंचते ही भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ गई. सेंसेक्स 593 अंक धड़ाम हुआ, जबकि निफ्टी 207 अंक लुढ़क गया.
Indian Stock Market: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में आए उछाल के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बनने से ग्लोबल सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है. इस वजह से न केवल भारत बल्कि पूरे एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा हुआ है.
बाजार में कितनी बड़ी गिरावट आई है?
शुक्रवार को बाजार खुलते ही बिकवाली का भारी दबाव देखा गया. मुख्य सूचकांकों का हाल कुछ ऐसा रहा:
| इंडेक्स | शुरुआती स्तर | गिरावट (अंक) | गिरावट (%) |
| निफ्टी 50 | 23,270.30 | -207.50 | -0.88% |
| बीएसई सेंसेक्स | 74,309.16 | -593.43 | -0.79% |
सबसे ज्यादा मार मेटल और रियल्टी सेक्टर पर पड़ी है.
शेयर बाजार क्यों गिरा और क्रूड का इससे क्या कनेक्शन है?
बाजार में इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड उछलकर $108.27 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है. ऐसे में क्रूड महंगा होने से देश की आर्थिक ग्रोथ और कंपनियों की कमाई पर सीधा असर पड़ता है.
- अमेरिका-ईरान जंग का खतरा: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के सीधे आमने-सामने आ जाने से एनर्जी कॉरिडोर्स ठप पड़ गए हैं.
- अमरीकी बॉन्ड यील्ड में तेजी: अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.96% पर पहुंच गई है. यह 5% के करीब है, जिसे ग्लोबल मार्केट के लिए एक बड़ा रेड फ्लैग (खतरे की घंटी) माना जाता है.
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटजिस्ट वीके विजयकुमार के मुताबिक, "अगर क्रूड की ये ऊंची कीमतें बनी रहती हैं, तो इसका असर भारत की जीडीपी और कॉरपोरेट अर्निंग्स पर पड़ना तय है."
कौन-कौन से सेक्टर और एशियाई बाजार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए?
बाजार खुलते ही लगभग सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे.
सेक्टर्स का हाल:
- निफ्टी मेटल: -2.46% (सबसे ज्यादा नुकसान)
- निफ्टी रियल्टी: -1.75%
- निफ्टी पीएसयू बैंक: -1.38%
- निफ्टी ऑटो: -1.26%
- निफ्टी प्राइवेट बैंक: -1.10%
- निफ्टी एफएमसीजी: -0.78%
- निफ्टी आईटी: -0.20%
एशियाई बाजारों में भी हाहाकार:
जापान का निक्केई 225 सबसे ज्यादा 2.90% टूटकर 63,381 पर आ गया. इसके अलावा साउथ कोरिया का कॉस्पी (-2.44%), ताइवान (-1.91%), शंघाई कंपोजिट (-1.82%) और हैंगसेंग (-0.93%) भी नुकसान में रहे. केवल सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स मामूली बढ़त (+0.03%) पर टिका रहा.
आम निवेशकों के लिए क्या उम्मीद बाकी है?
बाजार में जारी इस उथल-पुथल के बीच भी रिटेल इन्वेस्टर्स का भरोसा पूरी तरह नहीं डगमगाया है. इसकी सबसे बड़ी वजह आईपीओ (IPO) मार्केट की बंपर रौनक है. प्राथमिक बाजार में कई नए आईपीओ आ रहे हैं, जो निवेशकों को शानदार लिस्टिंग गेन दे रहे हैं. इसके अलावा, 17 सितंबर से आम जनता के लिए खुलने वाले बहुप्रतीक्षित NSE IPO को लेकर भी बाजार में काफी उत्साह बना हुआ है.
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