बदल गए Aadhar Card के नियम, अब ऐसे होगा डिजिटल वेरिफिकेशन, सरकार ने जारी की सूचना
Aadhaar Card Rules Change
Aadhar Card Rules Change: आधार फेस ऑथेंटिकेशन एक डिजिटल पहचान सत्यापन प्रणाली है, जिसमें उपयोगकर्ता के चेहरे को स्कैन कर उसकी पहचान सत्यापित की जाती है. यह प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, तेज और पेपरलेस होती है.
Aadhar Card Rules Change: सूचना इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं को और अधिक सुगम और प्रभावी बनाने के लिए एक नया पोर्टल लॉन्च किया है. इस पहल का उद्देश्य डिजिटल वेरिफिकेशन प्रक्रिया को तेज और सुविधाजनक बनाना है, जिससे नागरिकों को विभिन्न सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके. अब निजी कंपनियां भी आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग कर पाएंगी, जो पहले केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित था.
Just Launched 📢#AadhaarGoodGovernancePortal has been launched today by Shri S. Krishnan, @SecretaryMEITY. The portal aims to enhance #EaseofLiving & enable better access to service through #Aadhaar authentication.#SWIK pic.twitter.com/Tgt2HR2ho1
— Aadhaar (@UIDAI) February 27, 2025
कैसा है नया पोर्टल और क्या होंगी इसकी सुविधाएं?
मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया नया पोर्टल swik.meity.gov.in आधार वेरिफिकेशन से जुड़ी सेवाओं को अधिक सुलभ और विस्तृत बनाएगा. इसके माध्यम से सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं आधार वेरिफिकेशन की अनुमति के लिए आवेदन कर सकती हैं. इस पहल से नागरिकों को अपनी पहचान सत्यापित करने के लिए बार-बार दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
निजी कंपनियों को भी मिलेगी आधार फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा
सरकार ने 31 जनवरी 2025 को आधार अधिनियम में संशोधन किया, जिसके तहत अब विभिन्न निजी क्षेत्र की कंपनियां भी आधार फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग कर सकेंगी. इनमें हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, ई-कॉमर्स, एजुकेशन और क्रेडिट रेटिंग सेवाएं शामिल हैं. इससे पहले यह सुविधा केवल सरकारी विभागों के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब निजी कंपनियों को भी यह सुविधा प्रदान कर दी गई है.
कैसे करेगा आधार फेस ऑथेंटिकेशन काम?
आधार फेस ऑथेंटिकेशन एक डिजिटल पहचान सत्यापन प्रणाली है, जिसमें उपयोगकर्ता के चेहरे को स्कैन कर उसकी पहचान सत्यापित की जाती है. यह प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, तेज और पेपरलेस होती है. अब विभिन्न ऐप और सेवाओं में इसे शामिल करने से वेरिफिकेशन का समय कम होगा और प्रक्रिया अधिक कुशल बनेगी.
आधार फेस ऑथेंटिकेशन के प्रमुख लाभ
- ई-केवाईसी प्रक्रिया होगी सरल – बैंकों, वित्तीय सेवाओं और अन्य सरकारी योजनाओं में वेरिफिकेशन तेजी से किया जा सकेगा.
- पेपरलेस प्रोसेस को मिलेगा बढ़ावा – परीक्षा पंजीकरण, नौकरी आवेदन और अन्य सेवाओं में दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी.
- रिमोट वेरिफिकेशन की सुविधा – व्यक्ति देश में कहीं भी बैठे डिजिटल माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित कर सकेगा.
- डिजिटल इंडिया मिशन को बढ़ावा – यह कदम डिजिटल पहचान प्रणाली को मजबूत बनाएगा और सरकारी व निजी संस्थानों में पहचान सत्यापन को अधिक सुरक्षित बनाएगा.
नागरिकों के लिए क्या होंगे फायदे?
- तेजी से वेरिफिकेशन – अब सरकारी और निजी कंपनियों द्वारा दी जाने वाली सेवाओं का लाभ लेने के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी.
- भ्रमण के दौरान भी सेवाएं सुलभ – आधार फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से लोग दूरस्थ स्थानों से भी डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे.
- धोखाधड़ी की संभावना होगी कम – बायोमेट्रिक आधारित सत्यापन होने के कारण किसी अन्य व्यक्ति की पहचान का दुरुपयोग करना मुश्किल होगा.
आधार सेवाओं के विस्तार से बढ़ेगी डिजिटल सुरक्षा
सरकार का यह नया कदम डिजिटल वेरिफिकेशन प्रणाली को अधिक सशक्त बनाएगा और नागरिकों को बिना किसी बाधा के सेवाओं का लाभ लेने की सुविधा प्रदान करेगा. यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन को गति देने के साथ-साथ आधुनिक और सुरक्षित पहचान प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी.
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लेखक के बारे में
By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
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