GST काउंसिल की बैठक से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कंपनियों की भरी झोली, चहका शेयर बाजार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Sep 2019 11:11 AM
पणजी : सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के लिए शुक्रवार को बड़ी घोषणा की. सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स की प्रभावी दर घटा दी है. अब घरेलू कंपनियों के लिये सभी अधिशेषों और उपकर समेत कॉरपोरेट टैक्स की प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी. जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण […]
पणजी : सरकार ने आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के लिए शुक्रवार को बड़ी घोषणा की. सरकार ने कॉरपोरेट टैक्स की प्रभावी दर घटा दी है. अब घरेलू कंपनियों के लिये सभी अधिशेषों और उपकर समेत कॉरपोरेट टैक्स की प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी. जीएसटी काउंसिल की बैठक के पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने कहा कि घरेलू कंपनियों के लिए कार्पोरेट टैक्स घटाने का प्रस्ताव रखा गया है. टैक्स रेट को कम करने का ऑर्डिनेंस पास कर दिया गया है.
सीतारमण ने कहा कि नयी दर इस वित्त वर्ष के एक अप्रैल से प्रभावी होगी. दर कम करने तथा अन्य घोषणाओं से राजस्व में सालाना 1.45 लाख करोड़ रुपये की कमी का अनुमान है. उन्होंने कहा कि निवेश और आर्थिक वृद्धि दर को गति देने के लिये ये कदम उठाये गये हैं. यदि कोई घरेलू कंपनी किसी भी प्रोत्साहन का लाभ नहीं लें तो उनके लिये कॉरपोरेट कर की दर 22 प्रतिशत होगी.
वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर अधिनियम तथा वित्त अधिनियम में किये गये बदलाव अध्यादेश के जरिये अमल में लाये जाएंगे. 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प चुनने वाली कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर देने की जरूरत नहीं होगी. उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर के बाद बनने वाली घरेलू विनिर्माण कंपनियां बिना किसी प्रोत्साहन के 15 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान कर सकेंगी. इनके लिये अधिशेषों और उपकर समेत कॉरपोरेट कर की प्रभावी दर 17.01 प्रतिशत होगी.
उन्होंने कहा कि छूट का लाभ उठा रही कंपनियां इनकी अवधि समाप्त होने के बाद कम दर पर कर का भुगतान करने का विकल्प चुन सकती हैं. सरकार ने प्रतिभूति लेन-देन कर की देनदारी वाली कंपनियों के शेयरों की बिक्री से हुए पूंजीगत लाभ पर बजट में प्रस्तावित उपकर को भी वापस लेने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिये डेरिवेटिव समेत प्रतिभूतियों की बिक्री से होने वाले पूंजीगत लाभ पर धनाढ्य-उपकर समाप्त करने का भी निर्णय लिया गया है.
वित्तमंत्री ने एक अन्य राहत देते हुए कहा कि जिन सूचीबद्ध कंपनियों ने पांच जुलाई से पहले शेयरों की पुनर्खरीद की घोषणा की है, उन्हें भी धनाढ्य-उपकर नहीं देना होगा. कंपनियों को अब दो प्रतिशत कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) इनक्यूबेशन, आईआईटी, एनआईटी और राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं पर खर्च करने की भी छूट दी गयी है. सीतारमण ने टैक्स में छूट से मेक इन इंडिया में निवेश आने तथा रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का भरोसा जाहिर किया. उन्होंने कहा कि इससे अधिक राजस्व प्राप्त होगा.
वित्त मंत्री के एलान से शेयर बाजार झूम उठा है. एलान के तुरंत बाद बाजार में लिवाली तेज हो चुकी और बीएसई का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स में 1800 पॉइंट्स से ज्यादा तक की उछाल देखने को मिल रही है. बैंकिंग और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त नजर आ रही है. खबर लिखे जाने तक एचडीएफसी बैंक और आरबीएल बैंक के शेयरों में भी 8 से 9 प्रतिशत का उछाल देखने को मिल रहा है. निफ्टी में भी 500 से ज्यादा अंकों की उछाल दिखी और काफी दिनों बाद 11 हजार के स्तर के पार गया है.
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