100 मिलियन डॉलर के मालिक, फिर भी अरबों का कर्ज, जानें कितनी है ‘Rich Dad Poor Dad’ के लेखक की नेटवर्थ
रॉबर्ट कियोसाकी अपनी किताब रिच डैड पुअर डैड पकड़े हुए (Photo: Rich Dad)
‘रिच डैड पुअर डैड’ से मशहूर हुए रॉबर्ट कियोसाकी की नेटवर्थ कितनी है? जानें उनकी कमाई, कर्ज, बिजनेस और निवेश की पूरी कहानी.
‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी को दुनिया भर में पर्सनल फाइनेंस की दुनिया में जाना जाता है. उनकी किताब ने उन्हें एक सामान्य बिजनेसमैन से ग्लोबल फाइनेंशियल पर्सनैलिटी बना दिया. मीडिया रिपोर्ट्स में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कियोसाकी की नेटवर्थ करीब 100 मिलियन डॉलर यानी 10 करोड़ डॉलर है. वहीं, उनकी कुल कमाई का एक हिस्सा किताबों, कोर्स, सेमिनार, रियल एस्टेट और दूसरे निवेशों से आता है.
रॉबर्ट कियोसाकी की कमाई कहां से होती है?
कियोसाकी की सबसे बड़ी पहचान 1997 में प्रकाशित किताब ‘Rich Dad Poor Dad’ से बनी. यह किताब 44 मिलियन से ज्यादा कॉपियां बिक चुकी है और 40 से अधिक भाषाओं में प्रकाशित हो चुकी है. बाद में इसी ब्रांड के आधार पर उन्होंने Rich Dad Company को आगे बढ़ाया.
इस बिजनेस में किताबों के अलावा कई तरह के प्रोडक्ट और सेवाएं शामिल हैं, जैसे:
- ‘Cashflow’ बोर्ड गेम
- ऑनलाइन कोर्स
- सेमिनार और लाइव इवेंट
- न्यूजलेटर और पॉडकास्ट
- कोचिंग और वीडियो कंटेंट
2026 में कियोसाकी ने बताया कि उनकी अलग-अलग गतिविधियों से करीब 2.5 लाख डॉलर प्रति महीने यानी लगभग 3 मिलियन डॉलर सालाना की कमाई हो रही थी.
फिर अरबों डॉलर के कर्ज की बात क्यों होती है?
कियोसाकी अक्सर कहते रहे हैं कि वह 1 अरब डॉलर से ज्यादा के कर्ज में हैं. पहली नजर में यह आंकड़ा हैरान करने वाला लगता है. हालांकि, 2026 की Vanity Fair रिपोर्ट में इस कर्ज की तस्वीर कुछ अलग सामने आई.
रिपोर्ट के मुताबिक करीब 1.2 अरब डॉलर का कर्ज कई रियल एस्टेट निवेशों से जुड़ा है, जिनमें कियोसाकी और दूसरे पार्टनर शामिल हैं. इन निवेशकों के पास करीब 1,500 अपार्टमेंट यूनिट्स हैं. यानी यह रकम पूरी तरह कियोसाकी का व्यक्तिगत कर्ज नहीं है.
Vanity Fair ने अनुमान लगाया कि कियोसाकी के हिस्से का व्यक्तिगत कर्ज करीब 30 से 60 मिलियन डॉलर के बीच हो सकता है. हालांकि, उनकी सही हिस्सेदारी और देनदारियों का सार्वजनिक तौर पर पूरा खुलासा नहीं हुआ है.
कियोसाकी की निवेश सोच क्या है?
कियोसाकी की पूरी वित्तीय सोच का केंद्र ‘कैश फ्लो’ पैदा करने वाली संपत्तियां हैं. उनका मानना है कि सिर्फ बड़ी सैलरी पर निर्भर रहने के बजाय ऐसी संपत्तियां बनानी चाहिए, जो लगातार कमाई कर सकें.
रियल एस्टेट उनके निवेश का अहम हिस्सा है. इसके अलावा वह फिजिकल गोल्ड, सिल्वर और Bitcoin को लेकर भी काफी मुखर रहे हैं. वह महंगाई, सरकारी कर्ज, बैंकिंग सिस्टम और शेयर बाजार में संभावित गिरावट को लेकर लगातार चेतावनी देते रहे हैं.
बिजनेस में नुकसान भी झेला
कियोसाकी की कहानी सिर्फ सफलता की नहीं है. शुरुआती दौर में उनके कई बिजनेस असफल हुए. 2012 में Rich Global LLC नाम की उनकी एक कंपनी ने दिवालियापन संरक्षण के लिए आवेदन किया था. यह मामला The Learning Annex के साथ कानूनी विवाद से जुड़ा था और अदालत ने करीब 24 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश दिया था. यह व्यक्तिगत दिवालियापन नहीं था, बल्कि कंपनी का मामला था. यही वजह है कि कियोसाकी की कहानी में कमाई के साथ जोखिम, कर्ज और बिजनेस में असफलताओं का पहलू भी उतना ही अहम है. उनकी रणनीति पारंपरिक तरीके से अलग है, जहां वह सही परिस्थितियों में कर्ज को भी कमाई बढ़ाने का जरिया मानते हैं.
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