इंडोनेशिया-सऊदी अरब पीछे छूटे, फ्यूल प्रोडक्शन में भारत पहुंचा दुनिया के नंबर 4 पर
कोयला खदान और पावर प्लांट
भारत फ्यूल प्रोडक्शन में दुनिया में चौथे स्थान पर आ गया है. 2024 के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है. यह उपलब्धि देश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.
भारत ने फ्यूल प्रोडक्शन के मामले में दुनिया में एक और अहम जगह बना ली है. 2024 के आंकड़ों के आधार पर तैयार नई ग्लोबल रैंकिंग में भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा फ्यूल प्रोड्यूसर रहा. खास बात यह है कि भारत ने इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और सऊदी अरब जैसे बड़े एनर्जी प्रोड्यूसर्स को पीछे छोड़ दिया है. यह रैंकिंग Visual Capitalist ने ऑस्ट्रिया के वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के आधार पर तैयार की है.
भारत ने 2024 में कितना फ्यूल बनाया?
रैंकिंग के मुताबिक भारत ने 2024 में करीब 1.14 अरब मीट्रिक टन मिनरल फ्यूल का प्रोडक्शन किया. इसमें कोयला, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस शामिल हैं. हालांकि, भारत के कुल फ्यूल प्रोडक्शन में सबसे बड़ा हिस्सा कोयले का रहा.
भारत का प्रोडक्शन इस तरह रहा:
| फ्यूल | 2024 प्रोडक्शन |
| कोयला | करीब 1.085 अरब टन |
| कच्चा तेल | 2.89 करोड़ टन |
| प्राकृतिक गैस | 2.88 करोड़ टन |
| कुल | करीब 1.14 अरब टन |
यानी भारत के कुल फ्यूल प्रोडक्शन में करीब 95% हिस्सा कोयले का रहा. इससे साफ है कि ग्लोबल रैंकिंग में भारत की चौथी पोजिशन के पीछे सबसे बड़ी भूमिका कोयले की है.
कौन सा देश सबसे आगे रहा?
भारत से ऊपर तीन देश रहे. सबसे ज्यादा फ्यूल प्रोडक्शन के साथ चीन नंबर-1 पर रहा. चीन ने 2024 में करीब 4.81 अरब मीट्रिक टन फ्यूल बनाया. इसमें अकेले कोयले का प्रोडक्शन करीब 4.4 अरब टन रहा.
इसके बाद अमेरिका दूसरे और रूस तीसरे नंबर पर रहे.
- चीन: 4.81 अरब टन
- अमेरिका: 2.28 अरब टन
- रूस: 1.46 अरब टन
- भारत: 1.14 अरब टन
- इंडोनेशिया: 92.14 करोड़ टन
अमेरिका का फ्यूल प्रोडक्शन भारत से अलग तस्वीर दिखाता है. वहां 2024 में करीब 94.88 करोड़ टन तेल और 85.46 करोड़ टन प्राकृतिक गैस का प्रोडक्शन हुआ, जबकि कोयला करीब 47.38 करोड़ टन रहा. रूस का कुल प्रोडक्शन करीब 1.46 अरब टन रहा, जिसमें 52.3 करोड़ टन तेल, 50.94 करोड़ टन प्राकृतिक गैस और 42.66 करोड़ टन कोयला शामिल था.
भारत के लिए यह रैंकिंग क्यों अहम है?
भारत का चौथे नंबर पर पहुंचना इसलिए खास है क्योंकि इसकी फ्यूल प्रोडक्शन की पूरी तस्वीर काफी हद तक कोयले पर टिकी है. 1.085 अरब टन कोयला उत्पादन ने भारत को इस ग्लोबल रैंकिंग में मजबूत जगह दिलाई.
भारत के बाद इंडोनेशिया 92.14 करोड़ टन के साथ पांचवें नंबर पर रहा. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब और कनाडा रहे, जबकि ईरान और दक्षिण अफ्रीका भी टॉप-10 में शामिल रहे.
दुनिया के फ्यूल प्रोडक्शन पर किसका दबदबा?
आंकड़े बताते हैं कि ग्लोबल मिनरल फ्यूल प्रोडक्शन कुछ चुनिंदा देशों के हाथ में काफी ज्यादा केंद्रित है. चीन, अमेरिका, रूस, भारत और इंडोनेशिया ने मिलकर 2024 में करीब 10.6 अरब टन कोयला, तेल और प्राकृतिक गैस का प्रोडक्शन किया. यह दुनिया के कुल प्रोडक्शन का करीब 63% है.
वहीं, टॉप-25 फ्यूल प्रोड्यूसर देशों की हिस्सेदारी करीब 91% रही. यानी दुनिया में फ्यूल का प्रोडक्शन कुछ ही देशों में बड़े पैमाने पर हो रहा है और भारत इस लिस्ट में अब चौथे पायदान पर है.
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