शेयर बाजार में सितंबर की पहली हरियाली, Sensex 238 अंक चढ़ा, Nifty फिर 24000 के करीब

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स्टॉक मार्केट में तेजी की लहर

सितंबर में पहली बार शेयर बाजार हरे निशान में खुला. Sensex और Nifty में तेजी के बीच जानें रुपये, FIIs, बैंकिंग शेयरों, सोने और कच्चे तेल का ताजा हाल.

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भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को इस महीने पहली बार मजबूती के साथ शुरुआत की. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हल्की नरमी और विदेशी मुद्रा प्रवाह से बने सकारात्मक माहौल का असर बाजार पर दिखा. शुरुआती कारोबार में BSE Sensex 238.86 अंक यानी 0.31% बढ़कर 76,809.21 पर पहुंच गया. वहीं NSE Nifty 50 भी 64.40 अंक यानी 0.27% की तेजी के साथ 23,978.85 पर कारोबार करता दिखा.

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GIFT Nifty में भी मजबूती रही और यह 0.45% चढ़कर 24,072.50 अंक पर पहुंच गया. बाजार के लिए यह संकेत अहम है क्योंकि पिछले सत्र में गिरावट के बाद निवेशकों की नजर इस बात पर थी कि क्या बाजार जल्दी संभल पाएगा.

बाजार में तेजी की वजह क्या है?

Geojit Investments Limited के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार के मुताबिक, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई हल्की गिरावट से बाजार का मूड बेहतर हुआ है. इसके अलावा, रुपये के लिए भी एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है.

उन्होंने बताया कि रियायती स्वैप सुविधा के तहत 136 अरब डॉलर जुटाए गए हैं. वहीं FCNR(B) योजना के जरिए 127 अरब डॉलर का जुटाव हुआ, जो बाजार के अनुमान से काफी ज्यादा है.

इसका असर सीधे तौर पर रुपये की स्थिरता और विदेशी निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है. विजयकुमार का मानना है कि भारत में ग्रोथ और कंपनियों की कमाई की संभावनाएं बेहतर रहने पर FIIs की खरीदारी जारी रह सकती है.

बैंकिंग शेयरों को कैसे मिल सकता है फायदा?

बैंकों के लिए भी FCNR(B) के जरिए हुआ बड़ा फंड जुटाव सकारात्मक माना जा रहा है. विजयकुमार के अनुसार, इससे बैंकों का नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM बेहतर हो सकता है.

निवेशकों के लिए बाजार खुलने के प्रमुख संकेत:

  • Sensex: 238.86 अंक की तेजी के साथ 76,809.21
  • Nifty 50: 64.40 अंक चढ़कर 23,978.85
  • GIFT Nifty: 0.45% की बढ़त के साथ 24,072.50
  • रुपये को सहारा: बड़े विदेशी मुद्रा जुटाव से स्थिरता की उम्मीद
  • बैंकिंग सेक्टर: बेहतर NIM की संभावना से सकारात्मक माहौल

कल बिकवाली के बावजूद संस्थानों ने क्या किया?

दिलचस्प बात यह रही कि पिछले कारोबारी सत्र में Nifty 141 अंक गिरा था, जबकि संस्थागत निवेशकों ने कुल करीब 9,500 करोड़ रुपये की खरीदारी की. इसमें FIIs ने 6,688 करोड़ रुपये और DIIs ने 2,812 करोड़ रुपये की खरीद की.

इससे संकेत मिलता है कि गिरावट का दबाव मुख्य रूप से रिटेल निवेशकों, प्रोपाइटरी ट्रेडर्स और मंदी का दांव लगाने वाले कारोबारियों की बिक्री से आया. विजयकुमार का मानना है कि गुरुवार को इस दबाव में उलटफेर देखने को मिल सकता है.

सोना और कच्चा तेल किस स्तर पर हैं?

कमोडिटी बाजार में सोना तीन दिन की गिरावट के बाद संभलता दिखा और करीब 4,427.09 डॉलर पर रहा. इसमें 0.90% की बढ़त दर्ज की गई. वहीं ब्रेंट क्रूड 95.48 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड 90.97 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा.

Motilal Oswal Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, ईरान पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई लंबे समय तक नहीं चलने के राष्ट्रपति ट्रंप के संकेत से मिडिल ईस्ट में लंबे तनाव की चिंता कुछ कम हुई. इससे तेल की तेजी भी ठंडी पड़ी और महंगाई बढ़ने की आशंका में राहत मिली.

अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक से पहले अमेरिका के रोजगार और महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी. यही आंकड़े आगे ब्याज दरों, सोने और वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

ये भी पढ़ें: 3 दिन की तेजी के बाद बदला तेल बाजार का मिजाज, 95 डॉलर के करीब पहुंचा ब्रेंट

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