BRICS 2026: पुतिन, जिनपिंग से मोदी तक, जानें किस राष्ट्राध्यक्ष के पास है सबसे खास VVIP विमान
ब्रिक्स सम्मेलन के प्रतिनिधी और उनके राष्ट्राध्यक्षों के प्लेन
BRICS 2026 में दुनिया के ताकतवर राष्ट्राध्यक्ष भारत पहुंचे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका सफर जिन VVIP विमानों से होता है, वे किसी आलीशान प्लेन से कम नहीं बल्कि उड़ते हुए कमांड सेंटर हैं? पुतिन से जिनपिंग और मोदी तक के इन खास विमानों की रफ्तार, हजारों किलोमीटर की रेंज और हाईटेक सुरक्षा व्यवस्था आपको हैरान कर देगी. जानिए इन VVIP विमानों की पूरी कहानी और क्यों जेवर एयरपोर्ट भी इस बार बना खास आकर्षण.
आसमान में उड़ता कोई विमान सिर्फ सफर का जरिया नहीं होता. जब उसमें किसी देश का राष्ट्राध्यक्ष सवार हो, तो वह विमान उस देश की ताकत, तकनीक और सुरक्षा का चलता-फिरता किला बन जाता है. भारत में हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई ताकतवर देशों के राष्ट्राध्यक्ष और उनके प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं. इनके लिए इस्तेमाल होने वाले VVIP विमान भी आम विमानों से बिल्कुल अलग हैं. ये विमान आधुनिक तकनीक से लैस होने के साथ-साथ कमांड सेंटर, संचार केंद्र और सुरक्षा कवच की भूमिका निभाने में सक्षम होते हैं.

किसी विमान की लंबाई फुटबॉल मैदान के करीब पहुंचती है, तो किसी की रेंज हजारों किलोमीटर तक है. कुछ विमानों को इस तरह कस्टमाइज किया गया है कि आपात स्थिति में भी राष्ट्राध्यक्ष सुरक्षित रहते हुए देश के शीर्ष अधिकारियों से संपर्क और जरूरी फैसले ले सकें. यानी इन विमानों के भीतर सिर्फ आलीशान सफर की सुविधाएं नहीं, बल्कि किसी देश की सुरक्षा और रणनीतिक क्षमता का एक अहम हिस्सा भी छिपा होता है.
तो BRICS में शामिल देशों के राष्ट्राध्यक्ष किन खास विमानों से सफर करते हैं? इनकी कीमत, लंबाई, रफ्तार, रेंज और सुरक्षा से जुड़ी खासियतें क्या हैं? इस ग्राफिक स्टोरी में तस्वीरों के जरिए जानेंगे उन खास VVIP विमानों की पूरी कहानी.

इस बार BRICS सम्मेलन के लिहाज से भारत में एक और खास बात देखने को मिलेगी. आमतौर पर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के विमान दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरते रहे हैं, लेकिन इस सम्मेलन के लिए नोएडा स्थित जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी पहली बार इतने बड़े स्तर पर VVIP विमानों की मेजबानी करेगा. 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है.
भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है. भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार संगठन की अध्यक्षता संभाली है. इस वर्ष की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है, जो “Humanity First” के दृष्टिकोण पर आधारित है. 2026 BRICS के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि संगठन की स्थापना के 20 साल पूरे हो रहे हैं.

BRICS का नाम इसके संस्थापक सदस्य देशों ब्राजील (Brazil), रूस (Russia), भारत (India), चीन (China) और दक्षिण अफ्रीका (South Africa) के नामों के शुरुआती अक्षरों से बना है. इसकी स्थापना 2006 में हुई थी और पहला BRICS शिखर सम्मेलन 2009 में आयोजित हुआ था. आज संगठन का विस्तार हो चुका है और इसमें 11 सदस्य देश शामिल हैं. इसका प्रमुख उद्देश्य विकासशील देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार और राजनीतिक समन्वय बढ़ाने के साथ-साथ वैश्विक मंचों पर ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करना है.
भारत- नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री (एयरफोर्स वन):

रूस- व्लादिमीर पुतिन, राष्ट्रपति (फ्लाइंग क्रेमलिन या डूम्सडे प्लेन):

चीन- शी जिनपिंग, राष्ट्रपति (Boing 747-8):

इंडोनेशिया- प्राबोवो सुबियांतो, राष्ट्रपति (Boing 737-700 BBJ1):

मिस्र- अब्दुल फताह अलसिसी, राष्ट्रपति (Boing 747-8I):

ईरान- मसूद पेजेश्कियन, राष्ट्रपति (Boing 707-386C)

ब्राजील- लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, राष्ट्रपति (Airbus A319CJ):

दक्षिण अफ्रीका- सिरिल रामाफोसा- (Boing 737-700 BBJ):

BRICS 2026 में शामिल राष्ट्राध्यक्षों के प्लेन: एक नजर में:

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