Nepal Floods: स्कूल की ओर बढ़ रहा था सैलाब, प्रिंसिपल ने ऐसे बचाई 1,643 बच्चों की जान
बाढ़ से मची तबाही का दृश्य और गोल घेरे में स्कूल प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी, फोटो- एएनआई और राजेंद्र दवाडी की फेसबुक
Nepal Floods: नेपाल की विनाशकारी बाढ़ के बीच एक स्कूल प्रिंसिपल की तत्परता ने बड़ी त्रासदी टाल दी. खतरे की सूचना मिलते ही उन्होंने स्कूल खाली कराया और 1,643 बच्चों को सुरक्षित जगह पहुंचाया. कुछ ही देर बाद तेज बाढ़ और मलबे ने स्कूल परिसर को अपनी चपेट में ले लिया.
Nepal Floods: नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच नुवाकोट के त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी की सूझबूझ ने 1,643 बच्चों की जान बचा ली. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दवाडी को सुबह चेतावनी मिली कि बाढ़ का पानी तेजी से स्कूल की ओर बढ़ रहा है. इसके बाद उन्होंने तुरंत स्कूल खाली कराने का फैसला किया.
दवाडी ने घंटी बजाकर शिक्षकों को बच्चों को बाहर निकालने का निर्देश दिया. बच्चों को पैदल ऊंचे और सुरक्षित इलाके की ओर ले जाया गया. कुछ ही देर बाद तेज बहाव और मलबे ने स्कूल परिसर को अपनी चपेट में ले लिया. बच्चे आखिरकार एक बोधि वृक्ष के पास सुरक्षित स्थान पर पहुंचे.
इस दौरान स्कूल के लगभग सभी बच्चे और शिक्षक सुरक्षित बच गए. हालांकि स्कूल के एक शिक्षक और एक कर्मचारी की जान नहीं बच सकी. बाढ़ ने स्कूल की इमारत को भी बुरी तरह नुकसान पहुंचाया.
बर्फ-चट्टान टूटने से शुरू हुई तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास पहाड़ी इलाके में बर्फ और चट्टान का विशाल हिस्सा टूटने से इस फ्लैश फ्लडकी शुरुआत हुई. बताया गया कि लैंगटांग लिरुंग चोटी से मलबा करीब 1,200 मीटर नीचे लेंडे नदी की ऊपरी घाटी में गिरा. इसके बाद पानी, बर्फ, पत्थर और मिट्टी का तेज बहाव नीचे की ओर बढ़ता चला गया. रास्ते में गांव, सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाएं इसकी चपेट में आ गईं.
नेपाल में बाढ़ से 734 मौतें, 2,419 लोग अब भी लापता
वहीं, नेपाल में भोटे कोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा अपडेट के मुताबिक, अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,419 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं. राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है.
| जिला | बरामद शव |
| चितवन | 259 |
| नवलपरासी पूर्व | 184 |
| नवलपरासी पश्चिम | 82 |
| गोरखा | 58 |
| नुवाकोट | 52 |
| धाडिंग | 50 |
| तनहूं | 36 |
| रसुवा | 13 |
| कुल | 734 |
चितवन में सबसे ज्यादा 259 शव बरामद
NDRRMA के मुताबिक, सबसे ज्यादा 259 शव चितवन से बरामद किए गए हैं. इस आंकड़े में मानव अंग भी शामिल हैं. इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 184, नवलपरासी पश्चिम में 82, गोरखा में 58, नुवाकोट में 52, धाडिंग में 50, तनहुन में 36 और रसुवा में 13 शव मिले हैं. कई शवों की पहचान अब तक नहीं हो सकी है. ऐसे शवों को अलग-अलग जिलों के 21 अस्पतालों में रखा गया है.
2,419 लोग अब भी लापता
आपदा प्राधिकरण के अनुसार, 2,419 लोग अब भी लापता या संपर्क से बाहर हैं. इनमें 589 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. विदेशी पर्यटकों के साथ यात्रा कर रहे 127 नेपाली नागरिकों का भी पता नहीं चल पाया है. जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 933 लोग लापता बताए गए हैं. रसुवा में 562 और नुवाकोट में 115 लोगों से अब भी संपर्क नहीं हो पाया है.
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