ट्रंप की चेतावनी बेअसर! बिश्केक में मिले मोदी-पेजेशकियन, कहा- 'दबाव के बावजूद मजबूत होंगे रिश्ते'

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ईरान के राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री मोदी

अमेरिकी दबाव के बावजूद भारत और ईरान ने रणनीतिक रिश्तों को मजबूत करने का संकल्प लिया है. पीएम मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन के बीच SCO मीटिंग में व्यापार विस्तार और पश्चिम एशिया में शांति पर अहम चर्चा हुई. नाविकों की सुरक्षा और जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही पर भी जोर दिया गया.

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PM Modi meet Iran President : अमेरिकी प्रतिबंधों और दबाव के बीच भारत और ईरान ने अपने रणनीतिक व व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया है. किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई. यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए 'इकोनॉमिक डी-डे' अभियान शुरू करते हुए तेहरान के साथ व्यापार करने वाले देशों और कंपनियों पर पाबंदियों की चेतावनी दी है.

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व्यापार विस्तार और पश्चिम एशिया में शांति पर चर्चा

पीएम मोदी ने बैठक के बाद कहा कि दोनों देशों ने विभिन्न क्षेत्रों में ऐतिहासिक दोस्ती को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है. दोनों नेताओं ने व्यापार की टोकरी (Trade Basket) को बड़ा और विविध बनाने पर सहमति जताई. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने साफ किया कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में है और सभी विवादों का हल बातचीत व कूटनीति के जरिए ही निकाला जाना चाहिए.

नाविकों की सुरक्षा और जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही पर जोर

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बैठक में लाल सागर और फारस की खाड़ी के तनाव के बीच कमर्शियल जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठा. पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि किसी भी सूरत में नागरिकों, नागरिक बुनियादी ढांचे, कमर्शियल शिपिंग और नाविकों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नेविगेशन की स्वतंत्रता सुरक्षित रहनी चाहिए.

ईरान ने मांगी शांति के लिए भारत की मदद

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने संकट के समय ईरान के साथ खड़े रहने के लिए भारत का आभार जताया. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि भारत अपने वैश्विक प्रभाव का इस्तेमाल कर क्षेत्र को 'युद्ध और रक्तपात' से दूर करने में मदद करे. पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिकी दबाव और पाबंदियों के बावजूद ईरान भारत के साथ आर्थिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है. वहीं, पीएम मोदी ने पेजेशकियन को भारत में होने वाले आगामी ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के लिए भी आमंत्रित किया.


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