अमेरिकी सेना में फिर नेतृत्व संकट, जल्द इस्तीफा दे सकते हैं आर्मी सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल; रक्षा मंत्री के साथ चल रही तनातनी
डोनाल्ड ट्रंप, डैन ड्रिस्क्रॉल और पीट हेगसेथ. फोटो- एक्स.
अमेरिकी सेना के सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल के 2026 के अंत तक पद छोड़ सकते हैं. पीट हेगसेथ से तनाव, रैंडी जॉर्ज की बर्खास्तगी के बाद अमेरिकी सेना के नेतृत्व बड़ा संकट पैदा हो सकता है.
US Army Secretary: डोनाल्ड ट्रंप और उनका कैबिनेट नेचर की तरह बदलाव के प्रति बिल्कुल उदार दिखता है. लगातार चल रहे इस्तीफों के बीच, अमेरिकी सेना के शीर्ष नेतृत्व में एक और बड़े बदलाव की संभावना है. अमेरिकी सेना के सेक्रेटरी डैन ड्रिस्कॉल 2026 के अंत तक अपना पद छोड़ सकते हैं, हालांकि उनके इससे पहले भी पद से हटने की अटकलें हैं. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के साथ उनके संबंधों में कई महीनों से तनाव की बात कही जा रही है. अगर ऐसा होता है, तो ईरान और यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में लीडरशिप का नया संकट पैदा हो सकता है.
2026 के अंत तक पद छोड़ सकते हैं डैन ड्रिस्कॉल
द वॉल स्ट्रीट जर्नल और द हिल ने अपनी-अपनी रिपोर्ट में बताया कि ड्रिस्कॉल का इरादा करीब 2026 के अंत में अपनी जिम्मेदारी छोड़ने का है. ड्रिस्कॉल पहले यह संकेत दे चुके हैं कि ट्रंप प्रशासन में सेना के सेक्रेटरी का सामान्य कार्यकाल करीब 23 से 24 महीने रहने की उम्मीद है. ड्रिस्कॉल के प्रवक्ता और पेंटागन, दोनों ने इन रिपोर्टों पर कोई टिप्पणी नहीं की है. अगर ड्रिस्कॉल पद छोड़ते हैं तो अमेरिकी सेना के पास सीनेट से एप्रूव्ड सेक्रेटरी नहीं रहेगा. खास बात यह है कि सेना के पास इस समय सीनेट से अप्रूव्ड स्थायी चीफ ऑफ स्टाफ भी नहीं है.
सेना के चीफ ऑफ स्टाफ का पद भी अभी खाली
ड्रिस्कॉल के संभावित पद छोड़ने से पहले ही अमेरिकी सेना में नेतृत्व को लेकर स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है. अप्रैल 2026 में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने जनरल रैंडी जॉर्ज को सेना के चीफ ऑफ स्टाफ के पद से हटा दिया था. हेगसेथ ने सार्वजनिक रूप से उनके हटाए जाने की कोई स्पष्ट वजह नहीं बताई और अब तक उनके स्थायी उत्तराधिकारी का नाम भी घोषित नहीं किया गया है.
फिलहाल सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर लानेव ही कार्यवाहक चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. ऐसे में अगर ड्रिस्कॉल भी पद छोड़ते हैं, तो सेना के शीर्ष प्रशासनिक और सैन्य नेतृत्व में एक साथ बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.
परिवार नॉर्थ कैरोलिना चला गया, ड्रिस्कॉल ने बदला ठिकाना
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ड्रिस्कॉल और उनका परिवार इस गर्मी में ज्वाइंट बेस मायर-हेंडरसन हॉल स्थित आधिकारिक पारिवारिक आवास से बाहर निकल गया. उनका परिवार अब नॉर्थ कैरोलिना में रहने लगा है, जबकि ड्रिस्कॉल ने उसी सैन्य प्रतिष्ठान में एक छोटा अपार्टमेंट ले लिया है. यह उनके भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच खास ध्यान खींच रहा है.
डैन ड्रिस्कॉल और पीट हेगसेथ के बीच कैसे शुरू हुई तनातनी?
डैन ड्रिस्कॉल पूर्व आर्मी रेंजर रह चुके हैं और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के लंबे समय से मित्र हैं. रिपोर्टों के अनुसार, हेगसेथ के साथ उनकी खींचतान ट्रंप प्रशासन के शुरुआती दौर में ही शुरू हो गई थी.
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, तनाव उस समय सामने आया जब ड्रिस्कॉल ने जेडी वेंस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए सैनिकों से मिलने और सेना में किए जा रहे सुधारों पर चर्चा करने के लिए एक दौरे की व्यवस्था करने की पेशकश की थी.
इसके बाद दोनों के बीच मतभेद और गहरे हुए. द हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के प्रयासों के तहत यूक्रेनी अधिकारियों के साथ बातचीत का नेतृत्व करने के लिए जब ट्रंप ने ड्रिस्कॉल को चुना, तब भी यह खींचतान बढ़ी.
यूक्रेन के मुद्दे पर भी सक्रिय रहे ड्रिस्कॉल
डैन ड्रिस्कॉल ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों में भी भूमिका निभाई. वह रैंडी जॉर्ज और तत्कालीन यूरोप में अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी जनरल क्रिस डोनाह्यू के साथ यूक्रेन गए थे. वहां उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ राजनयिक प्रयासों पर चर्चा की थी.
ड्रिस्कॉल सेना के पारंपरिक प्रशासनिक कामकाज के साथ यूक्रेन युद्ध से मिले सैन्य और तकनीकी सबक को अमेरिकी सेना के आधुनिकीकरण से जोड़ने पर भी जोर देते रहे. उन्होंने इस बात पर ध्यान दिलाया कि यूक्रेनी सेना युद्ध के मैदान में बाजार में आसानी से उपलब्ध तकनीकों का किस तरह इस्तेमाल कर रही है.
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रैंडी जॉर्ज के साथ मिलकर शुरू किया था सेना में बदलाव का अभियान
सेना के सेक्रेटरी के रूप में ड्रिस्कॉल ने रैंडी जॉर्ज के साथ मिलकर अमेरिकी सेना में तकनीकी बदलावों को तेजी से लागू करने की कोशिश की थी. दोनों ने उन्नत तकनीक को सेना में शामिल करने पर जोर दिया और आर्मी ट्रांसफॉर्मेशन इनिशिएटिव शुरू किया.
इसका मकसद युद्ध के लिए जरूरी क्षमताओं को तेजी से विकसित करना, सेना की संरचना को अधिक प्रभावी बनाना और गैरजरूरी या पुराने कार्यक्रमों को खत्म करके संसाधनों की बर्बादी रोकना था. इस पहल में ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों को सेना की इकाइयों में शामिल करने पर भी जोर दिया गया.
लेकिन, अप्रैल में हेगसेथ द्वारा जॉर्ज को चीफ ऑफ स्टाफ पद से हटाए जाने के बाद ड्रिस्कॉल और जॉर्ज की साथ मिलकर काम करने वाली व्यवस्था भी खत्म हो गई. जॉर्ज को हटाने के फैसले की कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने आलोचना की थी.
कांग्रेस की सुनवाई के दौरान जब ड्रिस्कॉल से जॉर्ज को हटाए जाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने हेगसेथ की सीधे तौर पर आलोचना करने से परहेज किया. उन्होंने जॉर्ज को एक अद्भुत और परिवर्तनकारी नेता बताया.
सेना में निवेश और निजी कंपनियों से फंड जुटाने पर भी जोर
ड्रिस्कॉल का फोकस केवल सैन्य तकनीक तक सीमित नहीं था. उन्होंने सेना के जवानों के रहने की परिस्थितियों को बेहतर बनाने और सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण पर भी जोर दिया. उनके कार्यकाल में निजी क्षेत्र की कंपनियों ने अमेरिकी सेना के ठिकानों पर डेटा सेंटर, महत्वपूर्ण खनिजों की रिफाइनरी और सैनिकों के लिए डाइनिंग सुविधाओं जैसी परियोजनाओं में 25 अरब डॉलर से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता जताई.
ट्रंप ने हाल में की थी डैन ड्रिस्कॉल की तारीफ
दिलचस्प बात यह है कि संभावित विदाई की खबरों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने पेंसिल्वेनिया में आयोजित एक रक्षा कार्यक्रम के दौरान ड्रिस्कॉल की सार्वजनिक तौर पर तारीफ की थी. ट्रंप ने कहा था, 'उसकी खूबसूरत मुस्कान है, लेकिन वास्तव में वह एक किलर है. उस खूबसूरत, अच्छे चेहरे को देखिए. वह हर समय खुश रहता है. वह एक किलर है. क्या आप इस पर विश्वास करेंगे? वास्तव में ऐसे लोग ही सबसे बेहतरीन होते हैं.'
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कौन हैं डैन ड्रिस्कॉल?
डैन ड्रिस्कॉल का बैकग्राउंड उन्हें अमेरिकी प्रशासन के अन्य पारंपरिक सैन्य अधिकारियों से अलग बनाता है. वह पहले अमेरिकी सेना में आर्मी रेंजर रह चुके हैं और ऑपरेशन इराकी फ्रीडम के दौरान 10वीं माउंटेन डिवीजन में कैवेलरी स्काउट प्लाटून लीडर के रूप में काम कर चुके हैं. इसके बाद उन्होंने येल लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की. सैन्य सेवा के बाद उन्होंने वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी के क्षेत्र में काम किया. आगे चलकर वह जेडी वेंस के वरिष्ठ सलाहकार भी रहे. डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में उन्हें अमेरिकी सेना के सेक्रेटरी के पद के लिए नामित किया.
25 फरवरी 2025 को सीनेट ने दी थी मंजूरी
डैन ड्रिस्कॉल को अमेरिकी सेना के सेक्रेटरी के रूप में 25 फरवरी 2025 को सीनेट ने मंजूरी दी थी. उनके पक्ष में 66 वोट पड़े, जबकि 28 सीनेटरों ने विरोध किया. ट्रंप ने उनके नामांकन के समय उनके सैन्य अनुभव के साथ-साथ निवेशक और राजनीतिक सलाहकार के रूप में उनके अनुभव को भी प्रमुखता दी थी. अब करीब डेढ़ साल बाद उनके संभावित पद छोड़ने की खबर अमेरिकी सेना के नेतृत्व में एक और बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है.
ट्रंप प्रशासन से लगातार हो रहे इस्तीफे या बर्खास्तगी
जनवरी 2026 से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में बड़े स्तर पर अधिकारियों के हटने और इस्तीफों का सिलसिला देखने को मिला है. अब तक चार कैबिनेट स्तर के अधिकारियों की विदाई हो चुकी है. इसके अलावा सीनेट से मंजूरी प्राप्त दो दर्जन से ज्यादा वरिष्ठ अधिकारियों को भी पद से हटाया गया है या उन्होंने सरकार छोड़ दी है. शीर्ष सैन्य नेतृत्व में भी एक दर्जन से अधिक बड़े बदलाव हुए हैं.
प्रमुख कैबिनेट और वरिष्ठ अधिकारी
क्रिस्टी नोएम: 5 मार्च 2026 को होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी पद से हटाई गईं.
पैम बॉन्डी: 2 अप्रैल 2026 को अटॉर्नी जनरल पद से हटाया गया.
लोरी शावेज-डेरेमर: 21 अप्रैल 2026 को लेबर सेक्रेटरी पद से इस्तीफा दिया.
तुलसी गबार्ड: 30 जून 2026 को डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस का पद छोड़ा.
करोलिन लेविट: व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी भी जल्द ही पद से हटने जा रही हैं.
2026 में कुछ प्रमुख सैन्य नेतृत्व में बदलाव
जनरल रैंडी जॉर्ज: अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ को युद्ध संबंधी तनाव के बीच 2 अप्रैल 2026 को रिटायर होने का आदेश दिया गया.
जॉन फेलन: अप्रैल के अंत में अमेरिकी नौसेना के सेक्रेटरी पद से अचानक हटाए गए.
मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर: चीफ ऑफ चैपलेंस को अप्रैल 2026 में पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया.
जनरल डेविड होडने: आर्मी ट्रांसफॉर्मेशन एंड ट्रेनिंग कमांड के कमांडर को अप्रैल में पद से हटा दिया गया.
ANI के इनपुट के साथ.
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