थाई प्रदर्शन: राजनीतिक हिंसा में मरने वालों की संख्या चार हुई

Published at :24 Feb 2014 1:52 PM (IST)
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थाई प्रदर्शन: राजनीतिक हिंसा में मरने वालों की संख्या चार हुई

बैंकाक : थाईलैंड में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हमले में घायल छह साल की एक लड़की ने आज दम तोड़ दिया जिससे इस सप्ताहांत राजनीतिक हिंसा में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़ कर तीन हो गई जबकि प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनावात्र ने हिंसा को ‘‘आतंकवादी कार्रवाई’’ करार दे कर उसकी निंदा की है. थाईलैंड में […]

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बैंकाक : थाईलैंड में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हमले में घायल छह साल की एक लड़की ने आज दम तोड़ दिया जिससे इस सप्ताहांत राजनीतिक हिंसा में मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़ कर तीन हो गई जबकि प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनावात्र ने हिंसा को ‘‘आतंकवादी कार्रवाई’’ करार दे कर उसकी निंदा की है.

थाईलैंड में पिछले चार माह से जारी राजनीतिक संकट उस समय गहरा गया जब मध्य बैंकाक के एक व्यावसायिक इलाके में प्रदर्शन में विस्फोट और गोलीबारी में दो बच्चे और एक महिला की मौत हो गई जबकि 60 अन्य घायल हो गए.

रमथीबोदी अस्पताल ने एक बयान में बताया कि दिमाग में चोट लगने से छह साल की एक बच्ची की मौत हो गई.उल्लेखनीय है कि उस लड़की के भाई की मृत्यु कल सिर में गंभीर चोट लगने और आंतरिक रक्तस्राव से हुई थी.इस बीच, यिंगलुक ने हिंसक घटनाओं को ‘‘आतंकवादी कार्रवाई’’ बताते हुए सभी पक्षों से हिंसा छोड़ने का आह्वान किया.

थाई प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हिंसक घटनाएं मानव जीवन के किसी सम्मान के बगैर राजनीतिक लाभ के लिए आतंकवादी कृत्य हैं.’’ यिंगलुक ने कहा, ‘‘सरकार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेगी और उसने अपराधियों का पता लगाने और बिना किसी अपवाद के उन्हें इंसाफ के कठघरे में लाने के लिए प्रशासन को पूरी जांच के आदेश दिए हैं.’’उधर, सरकार विरोधी पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिफार्म कमेटी के नेता सतित वोंगनोंगतोए ने दावा किया है कि सरकार प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वाले सशस्त्र बलों की हिमायत कर रही है.

पिछले शाम बम विस्फोट एक बड़े सुपरमार्किट के पास हुआ. यह सुपरमार्किट बैकांक के सबसे बड़े शापिंग माल में से एक है. यह सड़कों पर लगी छोटी छोटी दुकानों से घिरा है जहां खरीदारों का हुजूम होता है.

उधर, त्रत प्रांत में शनिवार को रात में चलती गाड़ी से गोलीबारी में पांच साल की एक बच्ची की मौत हो गई.इस बीच, प्रदर्शनकारियों ने अपनी रणनीति बदली है. वह अपने प्रदर्शन स्थलों से हट कर आज विभिन्न सरकारी दफ्तरों पर पहुंचे. उनकी कोशिश है कि उनके कदम से शिनावात्र परिवार के व्यवसाय को नुकसान पहुंचे. इसे देख कर प्रशासन ने सुरक्षा उपाय बढ़ाए हैं, लेकिन शक्तिशाली सेना ने इसमें हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया.

टेलीविजन पर प्रसारित दुर्लभ संबोधन में सेना प्रमुख प्रयुथ चान-ओचा ने कहा, ‘‘किसी को जिम्मेदारी लेनी होती है लेकिन इसका मतलब नहीं है कि सैनिकों को (कानून के )दायरे के तहत काम किए बिना हस्तक्षेप कर सकती है.’’चान-ओचा ने कहा, ‘‘हम कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि अगर हम सैनिकों का उपयोग करें तो हालात शांति की तरफ लौटेंगे?’’

उधर, प्रदर्शनकारियों के नेता एवं वरिष्ठ बौद्ध भिक्षु फ्रा बुद्धा इस्सारा और पीडीआरसी के अन्य कार्यकर्ता सरकार समर्थक वायस टीवी केंद्र के समक्ष पहुंचे. इसका मालिक यिंगलुक के फरार भाई थाकसिन शिनावात्र के बेटे हैं.

इस्सारा प्रदर्शनकारियों के उस हिस्से के नेता हैं जिन्होंने चांगा वात्ताना रोड पर सरकारी परिसर पर कब्जा कर रखा है.इस बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने कल की हिंसा की निंदा की.

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