सफलताओं की नींव के बावजूद हिंसक हो गया था भारतीय-अमेरिकी

Published at :04 Jun 2016 9:36 PM (IST)
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सफलताओं की नींव के बावजूद हिंसक हो गया था भारतीय-अमेरिकी

लॉस एंजिलिस: शीर्ष विश्वविद्यालयों की अकादमिक डिग्रियों और पसंदीदा देश में नई पत्नी के साथ मैनक सरकार ने जब अपने जीवन के मध्य भाग में प्रवेश किया, तब वह सफलता की एक मजबूत नींव रख चुका था. लेकिन इस सप्ताह सरकार द्वारा की गई हत्याओं ने सबको स्तब्ध कर दिया और अब जांचकर्ता उन वजहों […]

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लॉस एंजिलिस: शीर्ष विश्वविद्यालयों की अकादमिक डिग्रियों और पसंदीदा देश में नई पत्नी के साथ मैनक सरकार ने जब अपने जीवन के मध्य भाग में प्रवेश किया, तब वह सफलता की एक मजबूत नींव रख चुका था.

लेकिन इस सप्ताह सरकार द्वारा की गई हत्याओं ने सबको स्तब्ध कर दिया और अब जांचकर्ता उन वजहों को तलाशने में लगे हैं, जिनके चलते उसने उन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी, जिन्हें कभी उसने अपना करीबी माना था. अधिकारियों ने कहा कि सरकार ने खुद से अलग रह रही पत्नी को मिनियापोलिस उपनगर में मार डाला और फिर काफी दूर स्थित लॉस एंजिलिस स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया लॉस एंजिलिस पहुंचकर उस प्रोफेसर को मार डाला, जिन्होंने इंजीनियरिंग में पीएचडी करने में उसकी मदद की थी.संकोची स्वभाव वाले मैनक को उनके प्रोफेसरों द्वारा शंकाएं जाहिर किए जाने पर पीएचडी हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पडा था. प्रोफेसरों ने उन्हें बताया था कि उनका शोध निबंध अच्छा नहीं है.
सरकार के मेंटर की अपनी अलग शंकाएं थीं लेकिन जब सरकार ने एक नया दस्तावेज जमा कर दिया तो प्रोफेसर विलियम क्लग ने अपने सहकर्मियों से कहा कि वे इस छात्र को पास कर दें. क्लग के सहकर्मी और करीबी दोस्त प्रोफेसर जेफ एल्ड्रेज ने कहा, ‘‘हम आराम से कह सकते थे, ‘यह पर्याप्त नहीं है, आपको और करना होगा.”’ उन्होंने बताया, ‘‘हमने सिर्फ इतना ही कहा, ‘इसे यहां से बाहर निकलने दो.”’ यह वर्ष 2013 की बात थी. इस सप्ताह सरकार लौटकर इस परिसर में आया.
सरकार अपने पीछे टूट चुके परिवार, स्तब्ध विश्वविद्यालय समुदाय, एक ‘किल लिस्ट’ और कई सवाल छोड गए हैं. इस किल लिस्ट में एक नाम उस प्रोफेसर का भी है, जिसने सरकार के अनुसार, उनके साथ गलत व्यवहार किया था. यह बात जल्दी ही साफ हो गई, कि सरकार मानता था कि प्रोफेसर विलियम क्लग ने उसका कोड चुराया है. मार्च में सरकार ने ऑनलाइन पोस्ट डाली थी कि जिस क्लग की उसने वर्ष 2013 में अपने शोध निबंध में तारीफ की थी, उसने उसे ‘‘वास्तव में बीमार” बना दिया है. सहकर्मियों ने कहा कि कोई पागल व्यक्ति ही क्लग जैसे व्यक्ति पर छात्र के साथ धोखाधडी का आरोप लगा सकता है.
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