जकी-उर-रहमान की रिहाई पर भारत ने कहा पाकिस्तान अब भी कुख्यात आतंकी समूहों का सुरक्षित पनाहगार

Published at :29 Dec 2014 12:59 PM (IST)
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जकी-उर-रहमान की रिहाई पर भारत ने कहा पाकिस्तान अब भी कुख्यात आतंकी समूहों का सुरक्षित पनाहगार

इस्लामाबाद : मुंबई के 26/11 का दोषी जकी-उर-रहमान लखवी जल्द ही पाकिस्तान के जेल से बाहर आ जायेगा. मुंबई हमले के साजिशकर्ता जकी-उर-रहमान लखवी ने लोक व्यवस्था बनाए रखने संबंधी आदेश (एमपीओ) के तहत खुद को हिरासत में रखे जाने को शनिवार को इस्लामाबाद की हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिसकी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट […]

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इस्लामाबाद : मुंबई के 26/11 का दोषी जकी-उर-रहमान लखवी जल्द ही पाकिस्तान के जेल से बाहर आ जायेगा. मुंबई हमले के साजिशकर्ता जकी-उर-रहमान लखवी ने लोक व्यवस्था बनाए रखने संबंधी आदेश (एमपीओ) के तहत खुद को हिरासत में रखे जाने को शनिवार को इस्लामाबाद की हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिसकी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने लखवी को हिरासत में रखने के आदेश को निलंबित कर दिया. जानकारों का कहना है कि इस आदेश के बाद उसका जेल से बाहर आना तय है.
इस मामले में भारत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इस मामले में भारत में पाकिस्तान के उच्चयुक्तअब्दुल बासितको तलब कर कड़े शब्दों में अपनी नाराजगी जतायी है.मुंबई आतंकी हमले की साजिश रचने वाले जकी-उर-रहमान लखवी के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर पाकिस्तान से ‘‘गहरी चिंता’’ जताते हुए भारत ने आज कहा कि यह पड़ोसी देश अभी भी कुख्यात आतंकी समूहों की सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है.साथ ही इस मामले में इस्लामाबाद को भी भारत सरकार ने अपनी आपत्तियों से अवगत करा दिया है व लखवी की बेल रद्द कराने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है. अब्दुल बासित ने भारत सरकार द्वारा तलब किये जाने के सवाल पर कहा है कि उन्हें भारत सरकार ने तलब किया है, इसलिए इस मामले में उन्हीं से पूछें.
इस मामले को भारत ने यहां और इस्लामाबाद दोनों जगह पाकिस्तान के समक्ष उठाया. विदेश सचिव सुजाता सिंह ने यहां पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित को तलब कर इस सिलसिले में पड़ोसी देश में किए गए फैसले पर चिंता जतायी. पाकिस्तान में भारत के उच्चायोग ने यह मामला पाकिस्तान के विदेश विभाग के समक्ष उठाया.
विदेश मंत्रलय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने यहां बताया, ‘‘विदेश सचिव ने आज दोपहर बासित को तलब किया. विदेश सचिव ने पाकिस्तान की आतंक-निरोधी अदालत द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी और मुंबई आतंकी हमले में शामिल लखवी को रिहा करने के आदेश के खिलाफ पाकिस्तान के अभियोजन प्राधिकारों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर गहरी चिंता व्यक्त की.’’ उन्होंने कहा, पड़ोसी देश से एक बार फिर कहा गया कि हम पाकिस्तान से उम्मीद करते हैं कि वह हमें दिए गए इन आश्वासनों को पूरा करेगा कि मुंबई के आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए जिम्मेदार सभी लोगों को सजा दिलाने के काम में तेजी लायी जाएगी.
प्रवक्ता ने कहा, यह बहुत ही चिंताजनक है कि छह साल से ऐसे आश्वासन दिए जाने, और हाल ही में पाकिस्तान में हुई त्रसदीपूर्ण घटना पेशावर में सैन्य स्कूल में बच्चों का नरसंहार के बावजूद पाकिस्तान कुख्यात आतंकी समूहों की पनाहगाह बना हुआ है.
लखवी के वकील रिजवान अब्बासी के अनुसार, एमपीओ के तहत हिरासत को चुनौती देते हुए जकी-उर-रहमान लखवी ने इस्लामाबाद हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी. उनके अनुसार, लखवी की हिरासत के मामले में कानूनी जरूरतों को पूरा नहीं किया गया. इसके अलावा इस मामले में सरकार ने जिस कानून के आधार का हवाला दिया है, वह टिकने वाला नहीं है.
भारत सरकार ने कूटनीतिक स्तर पर पहल करते हुए उसकी जमानत रद्द कराने के लिए पाकिस्तान पर दबाव बना दिया है.पाकिस्तानसरकार लखवी की जमानत को चुनौती देने में नाकाम रही है.पाकिस्तानसरकार का कहना है कि न्यायाधीश ने आदेश की प्रति जारी नहीं की है.
उल्लेखनीय है कि इस्लामाबाद स्थित आतंकवाद विरोधी अदालत के न्यायाधीश कौसर अब्बास जैदी ने बीते 18 दिसंबर को मुंबई हमले के मामले में सबूत के अभाव का हवाला देते हुए लखवी को जमानत दे दी थी. यह घटना पेशावर स्कूल हमले के तुरंत बाद हुई थी, जिसमें 148 बच्चे व अन्य लोग मारे गये थे. इसके बाद सरकार ने एमपीओ के तहत लखवी को तीन महीने के लिए हिरासत में लिया था. संसद सत्र में भी उस समय हंगामा हुआ था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बयान देना पड़ा था.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में अपने दिये बयान में पाकिस्तान के इस कदम को मानवता को सदमा पहुंचाने वाला करार दिया था और कहा था कि पाकिस्तान सरकार के पास मामले में कड़े से कड़े शब्दों में आपत्ति दर्ज कर दी गयी है. मुंबई में 26 नवंबर 2008 को किये गये हमले में 166 लोग मारे गये थे. इस मामले में लखवी सहित अब्दुल वाजिद, मजहर इकबाल, हम्माद अमीन सादिक, शहीद जमील रियाज, जमील अहमद और यूनुस अंजुम को अभियुक्त बनाया गया है
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