घंटे के भाषण से बदलवाया अबॉर्शन बिल

टेक्सास की सीनेटर वेंडी डेविस ने रचा इतिहासजब महिलाओं के अधिकार की बात आती है, तो उसकी जरूरत एक महिला से बेहतर और कोई जान नहीं सकता. और ऐसे में सबसे बड़ी और मुखर आवाज एक महिला ही उठा सकती है. ऐसा ही कुछ संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास की सेनेट (सदन) में हुआ. सेनेटर […]
टेक्सास की सीनेटर वेंडी डेविस ने रचा इतिहास
जब महिलाओं के अधिकार की बात आती है, तो उसकी जरूरत एक महिला से बेहतर और कोई जान नहीं सकता. और ऐसे में सबसे बड़ी और मुखर आवाज एक महिला ही उठा सकती है.
ऐसा ही कुछ संयुक्त राज्य अमेरिका के टेक्सास की सेनेट (सदन) में हुआ. सेनेटर वेंडी डेविस ने सेनेट के प्रावधान ‘फिलिबस्टर’ के तहत अपने अद्वितीय वाक् कौशल का परिचय देते हुए उस बिल को सदन में पारित होने से रुकवा लिया, जिसके तहत 20 हफ्ते के गर्भ के बाद गर्भपात की पाबंदी होती.
यह मुद्दा मानवता के पहलू से कितना सही और गलत है, इसका तर्क हमारे लिए अलग-अलग हो सकता है, लेकिन एक बात जो तय है, वह यह कि इस वाकये के बाद वेंडी डेविस दुनियाभर के देशों की दिशा और दशा तय करनेवाली संसदों के सदस्यों को कर्तव्यबोध करायेंगी, और वे भी समङोंगे कि वाकई, इस काम में नामुमकिन कुछ भी नहीं.
ऐसे शुरू हुआ डेविस का ‘वाकयुद्ध’
एंटी अबॉर्शन बिल के खिलाफ पिछले सोमवार, 24 जून को सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्यों ने जोरदार विरोध किया, जिसके बाद सेनेट बिल 5 प्रावधान के तहत उन्हें ‘फिलिबस्टर’ की इजाजत मिली. डेमोक्रेट्स ने इसके लिए वेंडी डेविस को चुना. डेविस ने स्थानीय समय के अनुसार, मंगलवार सुबह के 11 बज कर 18 मिनट पर अपना पक्ष रखना शुरू किया.
उन्होंने अपनी बात रखते हुए इस कानून के विरोध में उन महिलाओं और डॉक्टरों द्वारा उन्हें भेजी गयी चिट्ठियां सदन में पढ़ कर सुनायी, जो इस कानून के अस्तित्व में आ जाने के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी.
इस दौरान उन्हें सदन अध्यक्ष लेफ्टिनेंट गवर्नर डेविडय़ूहस्र्ट के अलावा अन्य सेनेट्स के सवालों का लगातार सामना करना पड़ा, लेकिन लगातार 11 घंटे तक चले ‘फिलिबस्टर’ के बाद इस 50 वर्षीय सिंगल मदर सेनेटर वेंडी डेविस ने दुनियाभर में अपनी अमिट छाप छोड़ी है.
क्या होता है फिलिबस्टर
दरअसल ‘फिलिबस्टर’ के तहत, सदन में किसी कानून को पारित कराने के लिए हो रही बहस के दौरान यदि कोई सेनेटर (सेनेट का सदस्य) उसपर कठोरता से अपना पक्ष रखना चाहता है, तो इसके लिए उसे कम से कम 11 से 13 घंटे तक लगातार बोलना पड़ता है. नियम के अनुसार, उसे रुकना तभी है जब कोई अन्य सदस्य उससे उसकी दलील पर सवाल करे.
उसके बाद फिर उसे जवाब देना होता है. फिलिबस्टर के दौरान, सेनेटर को लगातार खड़े रह कर अपना पक्ष रखना होता है, और उसे किसी तरह का विराम लेने की इजाजत नहीं होती. यहां तक कि खाने या बाथरूम जाने की भी नहीं.
कौन हैं वेंडी डेविस
हार्वर्ड लॉ स्कूल से कानून की शिक्षा पा चुकीं और टेक्सास राज्य स्थित फोर्ट वर्थ से डेमोक्रेटिक पार्टी की सेनेटर वेंडी डेविस ने सदन पटल पर प्रस्तुत एंटी-अबॉर्शन बिल पर बहस के दौरान इसके कमजोर विपक्ष को देखते हुए सदन के प्रावधान ‘फिलिबस्टर’ का सहारा लेने की सोची.
अगर यह बिल सेनेट से पास हो कर टेक्सास के गवर्नर रिक पेरी के पास अनुमोदन के लिए पहुंच जाता तो, पूरे टेक्सास में 20 हफ्ते के गर्भ के बाद कोई भी महिला गर्भपात नहीं करा सकती थी. इस बिल के अस्तित्व में आ जाने के बाद गर्भ की उपरोक्त अवस्था में अबॉर्शन के लिए ली जानेवाली दवाइयों के इस्तेमाल पर भी पाबंदी लग जाती.
यही नहीं, टेक्सास राज्य में गर्भपात करानेवाली 42 में से 37 क्लीनिकों पर भी ताले लटक जाते.
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