बंगाल चुनाव 2021: दार्जीलिंग में फिर काले झंडे से हुआ दिलीप घोष का स्वागत, भाजपा अध्यक्ष ने कही ये बात

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पश्चिम बंगाल (West Bengal) प्रदेश भाजपा (BJP) के अध्यक्ष दिलीप घोष (Dilip Ghosh) साढ़े तीन साल बाद दार्जीलिंग (Darjeeling) पहुंचे और काला झंडा ने उनका पीछा नहीं छोड़ा. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के समर्थकों ने भाजपा के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे दिलीप घोष को काले झंडे दिखाये. दिलीप का आरोप है कि इसके पीछे बिमल गुरूंग (Bimal Gurung) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) का हाथ है.

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष साढ़े तीन साल बाद दार्जीलिंग पहुंचे और काला झंडा ने उनका पीछा नहीं छोड़ा. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के समर्थकों ने भाजपा के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे दिलीप घोष को काले झंडे दिखाये. दिलीप का आरोप है कि इसके पीछे बिमल गुरूंग और तृणमूल कांग्रेस का हाथ है.

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करीब साढ़े तीन साल बाद उन्हें आज फिर जगह-जगह काले झंडे दिखाये गये. 5 अक्टूबर 2017 के बाद पहली बार मंगलवार (23 फरवरी) को वह दार्जीलिंग पहुंचे थे. भाजपा ने दिलीप घोष के स्वागत की व्यापक तैयारी की थी. बावजूद इसके, उनका स्वागत हुआ काले झंडे से. बंगाल की सत्ता पर काबिज होने की तैयारी कर रही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का उत्तर बंगाल कई बार आना हुआ, लेकिन दार्जीलिंग में साढ़े 3 साल में सिर्फ 2 बार.

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अमित शाह के साथ वह कलिम्पोंग गये थे, लेकिन दार्जीलिंग नहीं गये. मंगलवार (23 फरवरी) को उन्होंने दार्जीलिंग में एक जनसभा की. वर्ष 2017 में जिस तरह से दिलीप घोष को काले झंडे दिखाये गये थे, उसको ध्यान में रखकर भाजपा ने पूरी तैयारी की थी, लेकिन उनके दिन की शुरुआत काले झंडे के साथ ही हुई.

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दार्जीलिंग जाते समय हर चौक-चौराहे पर उन्हें काला झंडा दिखाया गया. यहां बताना प्रासंगिक होगा कि वर्ष 2017 में दिलीप घोष दो दिन की यात्रा पर दार्जीलिंग गये थे. 4 अक्टूबर को पहले दिन से ही लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाने शुरू कर दिये. 5 अक्टूबर को उन पर हमला भी हुआ.

दार्जीलिंग जिला में ‘गोरखा दुख निवारणी समिति’ के हॉल के सामने दिलीप घोष के सभा स्थल पर पहला हमला हुआ. दिलीप से माइक छीन लिया गया. जैसे ही उनसे माइक छीना गया, वह सदर थाना में शिकायत दर्ज कराने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में उनसे धक्का-मुक्की की गयी.

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दिलीप के आप्त सचिव देव साहा और दार्जीलिंग भाजपा के नेता राकेश पोखरेल को सड़क पर गिराकर पीटा गया. लोगों ने राकेश को लाठी तक मारी. दिलीप घोष के साथ जा रहे लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. तब दिलीप घोष ने संदेह के आधार पर आरोप लगाया था कि बिनय तमांग के लोगों ने उन पर हमला किया है.

Posted By : Mithilesh Jha

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