फ़ुटबॉल में दुर्दशा क्यों?

दुनिया भर में इस समय विश्व कप फ़ुटबॉल की धूम है. अख़बार फ़ुटबॉल की ख़बरों से भरे हैं. मैच के दौरान रिकॉर्ड दर्शक टीवी से चिपके रहते हैं. तो सोशल मीडिया पर भी विश्व कप को लेकर नए रिकॉर्ड बनने वाले हैं. भारत भी विश्व कप के बुख़ार में तप रहा है. लेकिन यहाँ के […]

दुनिया भर में इस समय विश्व कप फ़ुटबॉल की धूम है. अख़बार फ़ुटबॉल की ख़बरों से भरे हैं.
मैच के दौरान रिकॉर्ड दर्शक टीवी से चिपके रहते हैं. तो सोशल मीडिया पर भी विश्व कप को लेकर नए रिकॉर्ड बनने वाले हैं.
भारत भी विश्व कप के बुख़ार में तप रहा है. लेकिन यहाँ के लोग कभी ब्राज़ील, तो कभी अर्जेंटीना तो कभी यूरोप की किसी टीम पर दाँव लगा रहे हैं.
फ़ुटबॉल भारत में भी काफ़ी लोकप्रिय है. लेकिन हर गली-देहात में खेले जाने वाले फ़ुटबॉल में भारतीय टीम क्यों पिछड़ जाती है?
क्या सवा अरब की आबादी वाला मुल्क कभी विश्व कप में क्वालिफ़ाई कर पाएगा. सवाल कई हैं.
क्या खेल नीति में कमी है, सरकार के पास इच्छाशक्ति का अभाव है या फिर क्रिकेट की लोकप्रियता के कारण फ़ुटबॉल पर ध्यान नहीं दिया जाता?
इस बार के बीबीसी इंडिया बोल में चर्चा भारत में फ़ुटबॉल की स्थिति पर.
बीबीसी हिंदी के रेडियो कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए इस शनिवार भारतीय समय के मुताबिक़ साढ़े सात बजे हमें मुफ़्त फ़ोन कीजिए 1800-11-7000 या 18000-102-7001 पर. आप अपनी राय हमारे फ़ेसबुक पन्ने के ज़रिए भी हम तक पहुँचा सकते हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




