गढ़वा में जारी है चूहा-बिल्ली का खेल, नवाब शफत अली की टीम परेशान, इस वजह से गिरफ्त में नहीं आ रहा तेंदुआ
गढ़वा वन विभाग के अधिकारी परेशान हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ हर बार अपना क्षेत्र बदल दे रहा है, इसलिये उसे पकड़ने अथवा बेहोश करने में परेशानी हो रही है.
गढ़वा जिले के चिनिया थाना के हेताड़ कला गांव स्थित केलहा झरिया टोला में गुरुवार को दिन में बुद्धि नारायण सिंह नामक किसान के दो बकरियों को मारने और एक बकरी को घायल करनेवाला जंगली जानवर आदमखोर तेंदुआ ही था, जिसकी एक महीने से अधिक दिनों से तलाश की जा रही है. वन विभाग के जानवर के पदचिन्हों की जांच के बाद इस बात की पुष्टि की गयी.
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इसके बाद वन विभाग के अधिकारी परेशान हैं. वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुआ हर बार अपना क्षेत्र बदल दे रहा है, इसलिये उसे पकड़ने अथवा बेहोश करने में परेशानी हो रही है. वन विभाग के साथ तेंदुआ को कैद करने आयी नवाब शफत अली खान की टीम भी परेशान है. गौरतलब है कि वन विभाग को दो दिन पहले तेंदुए को एक शर्त के साथ उसको मारने का भी आदेश मिल चुका है.
लेकिन इसके बाद भी अभी तक न तो तेंदुए को मारने और न ही उसे कैद करने में कोई सफलता मिल सकी है. इस क्रम में गुरुवार को ही वन विभाग के कर्मियों ने हेताड़ कला गांव पहुंचकर वहां ट्रैपिंग कैमरे लगाये. बताया गया कि गुरुवार और शुक्रवार को मिलाकर 15 ट्रैपिंग कमरे लगाये गये. इस कैमरे में वन विभाग को एक कुत्ता की तसवीर दिखाई दी.
लेकिन कैमरे में आदमखोर तेंदुआ कैद नहीं हो सका है. वन विभाग ने इसके अलावा इस इलाके में दो केज भी लगाये हैं. लेकिन इससे भी तेंदुए को फंसाने में सफलता नहीं मिल पायी है. इसके कारण संभावना है कि तेंदुआ को लेकर चूहा-बिल्ली का खेल अभी और लंबा चलेगा.
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