शर्मनाक ! झारखंड में नहीं थम रहा डायन बिसाही का मामला, पहले बैलगाड़ी में बांधकर गांव घुमाया फिर कर दी हत्या
झारखंड में डायन बिसाही का मामला थमने का नाम ही ले रहा है. दरअसल पूर्वी सिंहभूम में डायन बता कर 55 वर्षीया महिला की लाठी-डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी. घटना बुधवार रात की है. जहां महिला को पहले बैलगाड़ी में बांध कर गांव में घुमाया गया फिर उसकी हत्या कर दी.
East Singhbhum News, Jharkhand Crime News पोटका : कोवाली थाना क्षेत्र में एक और महिला अंधविश्वास की भेंट चढ़ गयी. यहां डायन बता कर 55 वर्षीया महिला की लाठी-डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर दी गयी. घटना बुधवार रात की है. हत्या से पूर्व महिला को लहूलुहान अवस्था में बैलगाड़ी में बांध कर गांव में घुमाया गया. इसके बाद बैलगाड़ी को तालाब में फेंक दिया और शव को मृतका की ही बाड़ी में नग्न हालत में फेंक दिया.
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उसके पति की भी पिटाई की. घायल अवस्था में पत्नी को छोड़ कर पति घर से भाग निकला. इस मामले में पुलिस ने दो युवकों बानाव सोरेन उर्फ धापाड़ और मंगल मुर्मू उर्फ उंडु को गिरफ्तार किया है. उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लाठी-डंडे भी बरामद किये गये है़ं
सूचना मिलने पर गुरुवार की सुबह डीएसपी (मुसाबनी) चंद्रशेखर आजाद कोवाली व पोटका थाने की पुलिस के साथ पहुंचे. तालाब से बैलगाड़ी निकाल कर जब्त कर ली गयी है. मृतका के शव की हालत देख दुष्कर्म की भी आशंका जतायी जा रही है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है.
मृत महिला के पति ने बताया कि बुधवार की रात को वह पत्नी के साथ घर के अंदर बैठा था. करीब आठ बजे उसके घर पर बानाव सोरेन, मंगल मुर्मू और एक अन्य युवक आये और उनकी पत्नी को डायन कह कर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की. इस दौरान उसे भी डंडे से मारा, तो वह डर कर भाग गया. इसके बाद उसकी पत्नी को उठा कर ले गये. बैलगाड़ी से बांधकर गांव में घुमाया. उन्होंने बताया कि उसके दो बेटे हैं, जिनकी शादी हो गयी है. दोनों अपने परिवार के साथ जमशेदपुर में ठेका मजदूरी करते हैं. पूर्व में भी डायन कह कर पत्नी के साथ मारपीट की गयी थी.
21वीं सदी के इस दौर में जब ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में इंसान अपना परचम लहरा रहा है, तब डायन के नाम पर किसी महिला की हत्या होना शर्मनाक है. यह मानवता पर लगा कलंक है, जिसे मिटाने के लिए समाज को आगे आना होगा. हर औरत किसी की मां-बहन और बेटी होती है. वह जीवन देती है, पालन-पोषण करती है. उसे डायन बताना दरअसल मानसिक दिवालियापन से ज्यादा कुछ नहीं.
Posted By : Sameer Oraon
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