फोन में आया सरकारी या बैंक का लिंक असली है या जालसाजों का? AI के दौर में ऐसे पहचानें फर्जी मैसेज और ऐप
फर्जी लिंक से बढ़ता साइबर फ्रॉड का खतरा (फोटो: एआई/चैटजीपीटी)
AI के दौर में बैंक और सरकारी विभागों के नाम पर फर्जी मैसेज और लिंक तेजी से बढ़ रहे हैं. किसी लिंक पर क्लिक करने या APK डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच जरूरी है.
आजकल फोन पर बैंक, पुलिस, RTO और दूसरी सरकारी सेवाओं के नाम से मैसेज आना नॉर्मल बात हो गई है. लेकिन हर मैसेज और लिंक असली नहीं होता. जालसाज अब AI का यूज करके ऐसे फर्जी मैसेज बना रहे हैं, जिन्हें देखकर असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो सकता है. इसलिए किसी भी लिंक को खोलने से पहले सिर्फ 30 सेकंड की जांच आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है.
सरकारी नाम देखकर भी तुरंत भरोसा न करें
अगर आपके फोन पर किसी सरकारी विभाग या बैंक के नाम से मैसेज आए, तो लिंक खोलने से पहले ये चीजें जरूर देखें:
- मैसेज भेजने वाले का नाम और नंबर जांचें.
- लिंक में वेबसाइट का नाम और स्पेलिंग ध्यान से पढ़ें.
- किसी भी अजीब या गलत स्पेलिंग वाले लिंक पर क्लिक न करें.
- बैंक या सरकारी विभाग अचानक OTP, PIN या पासवर्ड नहीं मांगते.
- जरूरी काम के लिए खुद संबंधित विभाग या बैंक की आधिकारिक ऐप या वेबसाइट खोलें.
- CERT-In भी लोगों को संदिग्ध लिंक और फर्जी वेबसाइट से सावधान रहने की सलाह देता है.
ये भी पढ़ें: Phone खो गया या चोरी हो गया? CEIR पर ऐसे करें Report और IMEI Block, जानें पूरा तरीका
APK डाउनलोड करने की गलती पड़ सकती है भारी
हाल ही में CERT-In ने RTO और e-Challan के नाम पर चल रहे एक फर्जी APK फ्रॉड के बारे में चेतावनी दी है. जालसाज मैसेज भेजकर कहते हैं कि आपकी गाड़ी का चालान कट गया है और रसीद देखने के लिए ऐप डाउनलोड करें.
ऐसे APK फोन में आने के बाद आपकी निजी और बैंकिंग जानकारी चोरी हो सकती है. इससे बिना आपकी परमिशन के पैसों का लेनदेन भी हो सकता है. इसलिए WhatsApp, SMS या किसी अनजान लिंक से APK डाउनलोड न करें. Android भी अनजान सोर्स से ऐप डाउनलोड करने को जोखिम भरा बताता है.
AI से बने फर्जी मैसेज को ऐसे पहचानें
AI की मदद से जालसाज अब अच्छी भाषा में फर्जी मैसेज, वेबसाइट और यहां तक कि आवाज और वीडियो भी बना सकते हैं.
इन बातों पर ध्यान दें:
- मैसेज में तुरंत पैसा भेजने का दबाव बनाया जाए.
- डराया जाए कि अकाउंट बंद हो जाएगा या पुलिस कार्रवाई होगी.
- कोई बहुत अच्छा ऑफर दिया जाए.
- किसी जान-पहचान वाले की आवाज में अचानक पैसे मांगे जाएं.
OTP, UPI PIN और पासवर्ड कभी शेयर न करें
किसी भी व्यक्ति को अपना OTP, UPI PIN, ATM PIN या बैंकिंग पासवर्ड न बताएं. स्क्रीन शेयरिंग या अनजान ऐप को फोन का पूरा एक्सेस देना भी खतरनाक हो सकता है.
Android यूजर्स ऐप्स को Play Store जैसे भरोसेमंद सोर्स से डाउनलोड करें. वहीं iPhone यूजर्स Settings में जाकर Privacy & Security के अंदर ऐप्स की Permissions भी चेक कर सकते हैं.
फोन हैक या फ्रॉड होने पर पहले 10 मिनट में क्या करें
अगर आपको शक है कि फोन या बैंक अकाउंट के साथ फ्रॉड हुआ है, तो:
- तुरंत इंटरनेट बंद करें.
- संदिग्ध ऐप हटाएं.
- बैंकिंग और जरूरी अकाउंट का पासवर्ड बदलें.
- बैंक को तुरंत सूचना दें.
- ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड की सिचुएशन में तुरंत 1930 पर कॉल करें.
- National Cyber Crime Reporting Portal पर भी शिकायत दर्ज करें.
ये भी पढ़ें: Aadhaar App से घर बैठे बदलें मोबाइल नंबर, जानिए पूरी प्रक्रिया
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए