आखिरकार ऐतिहासिक तपनदीघी का होगा कायाकल्प

Updated at :29 Jun 2017 9:51 AM
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आखिरकार ऐतिहासिक तपनदीघी का होगा कायाकल्प

बालूरघाट. दक्षिण दिनाजपुर जिले के ऐतिहासिक तालाबों में शुमार तपनदीघी का कायाकल्प करने का निर्णय आखिरकार राज्य सरकार ने ले लिया है. शीघ्र ही इस दिशा में काम शुरू होने की संभावना है. राज्य सरकार ने इसके लिए आवश्यक धनराशि जारी कर दिया है. इस ऐतिहासिक तालाब को जिले के प्रमुख पर्यटन केन्द्र के रूप […]

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बालूरघाट. दक्षिण दिनाजपुर जिले के ऐतिहासिक तालाबों में शुमार तपनदीघी का कायाकल्प करने का निर्णय आखिरकार राज्य सरकार ने ले लिया है. शीघ्र ही इस दिशा में काम शुरू होने की संभावना है. राज्य सरकार ने इसके लिए आवश्यक धनराशि जारी कर दिया है. इस ऐतिहासिक तालाब को जिले के प्रमुख पर्यटन केन्द्र के रूप में तैयार करने की योजना है. प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के तपन ब्लॉक के अधीन तपन हाईस्कूल तथा कॉलेज क्षेत्र से करीब 84 एकड़ जमीन पर यह तालाब है.

इसके रखरखाव की जिम्मेदारी पहले दक्षिण दिनाजपुर जिला परिषद की थी. इसकी ऐतिहासिक छवि बनाये रखने के लिए जिला परिषद ने कोई काम नहीं किया. धीरे-धीरे इस तालाब की महत्ता खत्म हो रही थी. तालाब के बीच में कई स्थानों पर टापू उभर आया है. तालाब में पानी भी काफी कम है.

इस तालाब को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी उत्सुकता है. अगर लंबाई की बात की जाये, तो तालाब का क्षेत्रफल करीब तीन किलोमीटर है. स्थानीय लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, तालाब के अंदर ऐतिहासिक महत्व के कई वस्तु पाये जा सकते हैं. कुछ लोगों ने तो यहां तक कहा कि गंगारामपुर क्षेत्र में शासन करने वाले बानगढ़ राजा ने इसी तालाब में अपना खजाना दबाकर रखा है. बानगढ़ राजा स्वयं प्रतिदिन इस तालाब में स्नान करने आते थे. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि यहां के लेकर बानबढ़ तक तालाब के नीचे सुरंग भी बना हुआ है. परी लोक की कहानियों जैसी बात इस तालाब को लेकर यहां प्रचलित है.

बहरहाल, इतिहास की अपनी एक अलग महत्ता है. राज्य सरकार तालाब की ऐतिहासिक महत्ता को बनाये रखते हुए इसे प्रमुख पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित करना चाहती है. इस तालाब में मछली पालन का भी काम होगा. इसी सब को ध्यान में रखते हुए तपनदीघी के कायाकल्प की योजना बनायी गई है. अभी यहां जलकुंभियों की भरमार है. जलकुंभी की साफ-सफाई की जायेगी. तालाब के खुदाई की भी योजना है. जिला परिषद ने इसके लिए निविदा जारी कर दिया है. स्थानीय लोग काफी दिनों से इस तालाब के कायाकल्प की मांग करते रहे थे.

अब जाकर जल संसाधन मंत्रालय ने इस मांग को मान ली है. इस मंत्रालय द्वारा तालाब के कायाकल्प के लिए 12 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं. इसके अलावा उत्तर बंगाल विकास मंत्रालय द्वारा भी यहां कई प्रकार के काम कराये जा रहे हैं. पर्यटकों के रहने के लिए बंगलो तथा शेड बनाने का काम जारी है. राज्य के जल संसाधन राज्य मंत्री सोमेन महापात्र ने बताया है कि तपनदीघी को पुनर्जीवित करने के लिए 12 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं. शीघ्र ही काम शुरू हो जायेगा. इससे लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे.

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